पन्ना टाइगर रिजर्व: बाघों की संख्या के साथ-साथ बढ रही है सरकार की कमाई
सागर, 15 जून। पन्ना के बाघ सरकार का खजाना भी भर रहे हैं। बाघों के दीदार के दिवाने देश-दुनियाय से पन्ना टाइगर रिजर्व आते हैं। इनसे मिलने वाली राशि से टाइगर रिजर्व प्रबंधन और सरकार को खासी कमाई हो रही है। बीते साल पर्यटकों से 3 करोड 30 लाख रुपए से अधिक का राजस्व आया है। पन्ना टाइगर रिजर्व में जैसे-जैसे बाघों का कुनबा बढ रहा है, वैसे-वैसे पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।

मप्र के पन्ना टाइगर रिजर्व को बाघ पुनर्स्थापन के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। बाघ परिवार के लिए यह प्राकृतिक आवास है, इस कारण बीते 14 साल में बाघों की संख्या 2 से 75 पर पहुंच गई है। बाघ, वन्य प्राणी, अभयारण्य की खूबसूरती, नदी, तालाब, झरने, घास के मैदान पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। टाइगर रिजर्व में अंदर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन, गार्ड, वाहन, सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए शुल्क देना होता है। इसमें कोरोना काल के बाद अब तेजी से इजाफा होने लगा है।
बीते साल की अपेक्ष दोगुनी कमाई
पीटीआर प्रबंधन से मिली जानकारी अनुसार साल 2021-2022 में प्रबंधन को 3 करोड 30 लाख रुपए राजस्व के रुप में मिले हैं। जबकि इसके पूर्व साल 2020-21 में पर्यटकों से 1 करोड 67 लाख रुपए की आय हुई थी। अर्थात दो साल में पीटीआर की कमाई बढकर दोगुना हो गई है।
पीटीआर में कितने पर्यटकों से कितनी आय
पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन जानकारी साझाा करते हुए बताया कि साल 2020-21 में पीटीआर कोर एरिया में 1 लाख 1 हजार 930 पर्यटक एवं बफर में 4 हजार 821 पर्यटक पहुंचे जिनसे 1 करोड 67 लाख 29 हजार 985 रुपए का राजस्व आया। इसके मुकाबले साल 2021-22 में पीटीआर की आमदनी लगभग दोगुनी हो गई और कोर क्षेत्र में 1 लाख 48 हजार 714 एवं 10 हजार 613 पर्यटक पहुंचे। इनसे करीब 3 करोड 29 लाखा 73 हजार 858 रुपए की आय और राजस्व मिला है।












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