MP News: मध्य प्रदेश आने वाले समय में हो सकता है मालामाल, सिंगरौली में सोने की खान की तलाश जारी
MP Gold News: आर्थिक तंगी से गुजर रहे मध्य प्रदेश के लिए अगर यह प्रयास सफल रहा तो मध्य प्रदेश मालामाल हो सकता है। दरअसल ,स्वर्ण भंडारों की मिलने से मध्य प्रदेश आने वाले समय में अपने राजस्व को भर सकता है।
प्रदेश के सिंगरौली और कटनी में तीन स्थानों पर सोना मिलने की संभावना बढ़ गई है। तीन एजेंसी को यहां पूर्वेक्षण कर सोने की खोज करने का काम दिया गया है।

यह स्वर्ण भंडार मिले तो आने वाले समय में मध्य प्रदेश सरकार की राजस्व आय में जमकर इजाफा होगा साथ ही यहां सोने और उससे जुड़े कारोबार शुरू होने से स्थानीय युवाओं इंजीनियरों, विशेषज्ञों को रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाएगी। सिंगरौली जिले की गुरहर पहाड़ी पर सोने की खोज के लिए बोर होल की अनुमति लेने वाली हरियाणा की एजेंसी कुंदन गोल्ड माइंस ने यहां सोना मिलने पर प्रदेश का पहला गोल्ड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की सहमति दी है।
जीसी बेसिक डाटा के अनुसार मध्य प्रदेश में तीन स्थानों पर जमीन के अथह स्वर्ण भंडार मिलने की संभावना है। जियोकेमिकल एनालिसिस के जरिए यहां स्वर्ण भंडार मिलने की संभावना के बाद राज्य सरकार यहां सोन भंडार की खोज के लिए पूर्वक्षण कार्य कर रही है। सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के मेडवा गांव की गुरहर पहाड़ी पर राज्य सरकार सोने की खोज में खनन करावेगी यहां 149.30 हेक्टर क्षेत्र में सोने की खोज करने के लिए गुरुग्राम हरियाणा की फॉर्म कुंदन गोल्ड माइंस को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव ने दी जानकारी
खनिज विभाग की प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव ने बढ़ाई की प्रदेश में नए खनिजों की खोज का काम शुरू किया गया है। सिंगरौली और कटनी में स्वर्ण भंडारों की खोज की जा रही है। इससे न केवल प्रदेश की राज्यसभा आय बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश की युवाओं को रोजगार की संभावना भी बढ़ जाएगी।
दो स्वर्ण खनिज ब्लॉक में पहले से खोज जारी
सिंगरौली जिले की चकरिया स्वर्ण ब्लॉक में गरिमा नेचुरल रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड और कटनी जिले में इमलिया गोल्ड ब्लॉक में प्रोस्पेक्ट रिसोर्सेस लिमिटेड द्वारा सोने की खोज में पूर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। वहीं चकरिया में एलओआई एक्सटेंशन अंडर प्रोसेस है। ईआईए रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है तीन स्थानों पर स्वर्ण खोज का काम पूरा होने और स्वर्ण भंडार मिलने के बाद मध्य प्रदेश मालामाल हो जाएगा।
प्रतिबंधित स्थान पर नहीं होगा खनन
सोना तलाशने के काम में सतर्कता बरती जा रही है। गुरहर पहाड़ी खनिज ब्लॉक संपूर्ण वन क्षेत्र में इसलिए वन संरक्षण अधिनियम के उपबंधों के अधीन पूर्व अनुमति लेने के बाद ही यहां खनन कार्य शुरू किया जाएगा। प्रतिबंध स्थान पर किसी भी प्रकार का खनन कार्य नहीं किया जाएगा खनन शुरू करने से पहले एजेंसी को यहां संचालक खनिज भारतीय खान ब्यूरो और कलेक्टर सिंगरौली को सूचना देनी होगी। खनिज पूर्वेक्षण कार्य करने के दौरान यदि इस क्षेत्र में किसी नवीन खनिज की उपलब्धता के प्रमाण मिलते हैं तो उसकी जानकारी भी एजेंसी को देना होगी। खनन क्षेत्र में भूमि स्वामी की सहमति प्राप्त करने के बाद ही पूर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। पूर्वेक्षण के दौरान तैयार सभी भू वैज्ञानिक डाटा पर राज्य सरकार का अधिकार होगा। बोरहोल कोर विश्लेषण के बाद क्षेत्रीय कार्यालय रीवा में जमा किए जाएंगे। खनन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर यह काम वापस ले लिया जाएगा।












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