OPINION: बीजेपी की प्रचंड जीत से भगवामय मध्य प्रदेश, कोई सुपर स्टार ऐसे ही नहीं होता

OPINION: अगले पांच साल फिर भाजपा का ही कालखंड है। राजस्थान हो छत्तीसगढ़ या फिर मध्य प्रदेश, तीनों एक साथ भगवा रंग में रंग गए हैं। मध्य प्रदेश में इसका प्रदर्शन जीत के दमदार पैमाने पर खरा उतरा, छत्तीसगढ़ में जीत आश्चर्यजनक है।

इस बार के नतीजों ने चुनाव आंकलनकर्ताओं के अनुमानों को ध्वस्त कर दिया। एमपी में कांग्रेस हाथ मलते रह गई। भाजपा ने साबित कर दिया कि भारत की सबसे मजबूत चुनावी मशीन। जिसे कोई खराब नहीं कर सकता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में भाजपा के पास भारत का सबसे लोकप्रिय और विश्वसनीय राजनेता है। भाजपा के चुनाव अभियानों का नेतृत्व करते हुए वो न केवल मौजूदा भाजपा सरकारों के खिलाफ निराशा दूर करने में सहायक हैं, बल्कि पार्टी के समर्थन आधार को भी विस्तृत और गहरा कर रहे हैं।

 jp-nadda-meeting-with-shivraj-amit-shah-resut

एमपी में सीएम शिवराज का लगातार चार बार राजतिलक हुआ। इस बार फिर होगा या नहीं अभी फैसला बाकी हैं। उससे पहले यह जान लीजिए कि एक मजबूत वैचारिक आधार भाजपा को अडिग समर्थकों का ऐसा समूह देता है जिस पर वह भरोसा कर सकती है। लेकिन लगातार चुनाव जीतने के लिए उसे इस मूल आधार को मजबूत करना होता है।

सीएम शिवराज की धुआंधार 166 चुनावी सभाएं हो या फिर पीएम मोदी की 15 रैलियां यह ताकत जनता को स्पष्ट संदेश देती आई। जनता इतना भरोसा करेगी, सियासी पंडितों को भी यकीन नहीं था। नतीजतन बीजेपी ने एमपी में भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। जिसकी कई वजहें हैं।

कल्याणकारी योजनाएं
भारत का विकास पैटर्न, विशेष रूप से महामारी के बाद, वितरण के मामले में असमान है। भाजपा जमीनी स्थिति को भांपने और इसे कम करने के लिए राजकोषीय पैकेज के साथ प्रतिक्रिया करने में तेज रही है। भारत सरकार के राजस्व संग्रह में विस्तार के साथ इसने मई 2022 से उपभोक्ताओं को ऊर्जा की कीमतों में वैश्विक उछाल से बचा लिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर रोक और रसोई गैस की दरों में कमी बड़े उदाहरण हैं। इस पर कई राज्य स्तरीय योजनाएं सोने पर सुहागा का काम करती हैं। एमपी में इसका भी फायदा मिला।

फैसलों में लचीलापन
राजनीति कभी स्थिर नहीं होती। एक मजबूत नींव के बावजूद भाजपा की निरंतर सफलता जमीनी स्थितियों पर प्रतिक्रिया करने में उसके लचीलेपन के कारण है। दो उदाहरण सामने आते हैं। उसने इस साल 'रेवड़ी' पर अपना आख्यान छोड़ दिया और कल्याण की ओर चला गया। फिर, जब शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे जैसे क्षेत्रीय क्षत्रपों की जरूरत थी, तो केंद्रीय नेतृत्व ने जल्दी से अपना रुख बदल लिया।

जमीनी मजबूती
कोई चुनावी रणनीति उतनी ही अच्छी है जितनी पार्टी का ग्राउंड गेम। विचारों को वास्तविकता में बदलने की क्षमता पार्टी की संगठनात्मक शक्ति पर निर्भर करती है जिसके दम पर पार्टी मतदाताओं को यह विश्वास दिला पाती है कि वह उनके बीच है। भाजपा के पास कई राज्यों में ऐसा करने की क्षमता अद्वितीय है। कुछ राज्यों के भीतर जहां क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत हैं, भाजपा ने उन्हें पछाड़ दिया है, जिसमें यूपी सबसे उल्लेखनीय उदाहरण है।

इन सब बातों को मिलाकर भाजपा एमपी समेत भारत की सबसे मजबूत चुनावी ताकत है। इसलिए वह 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे आगे चल रही है। उसने बार-बार दिखाया है कि वह मुश्किलों को पार कर सकती है और मौके का फायदा उठा सकती है। भारतीय राजनीति में निस्संदेह भाजपा ही वह पार्टी है जो पैमाने तय करती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+