Opinion: मंजिल पर पहुंचने MP BJP का जन आशीर्वाद कारवां, 10 हजार किमी, 21 दिन और 13 बड़े चेहरे
Opinion: मध्य प्रदेश में अपने पक्ष में जनता को लुभाने सियासी दलों की कोशिशें अब चरम पर पहुंचती हैं। टिकट बंटवारे से लेकर जनता के बीच पहुंचने की होड़ मची हैं। बीजेपी हो या कांग्रेस, दोनों को एक दूसरे से डर है कि कहीं उनसे विरोधी आगे न निकल जाए।
लिहाजा इस बार बीजेपी, चुनावी तैयारियों की राह में कई मामलों में कांग्रेस से आगे निकलती जा रही हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपनी लाड़ली बहनों को 'रक्षाबंधन' का एडवांस में गिफ्ट दे ही दिया हैं, तो अब जनता का आशीर्वाद लेने की घड़ी आ गई हैं।
यात्रा का रथ सज चुका हैं। अपने भाइयों को राखी बांधकर फुर्सत होते ही बहनों के बीच, उनके शहर-मोहल्लों में धूमधाम के साथ बीजेपी दिग्गज यात्रा के रूप में निकलने वाले हैं। इसके आगाज का मुहूर्त भी 3 सितंबर को निकाल लिया गया। रूट फाइनल होने के साथ दूरी और नेतृत्व करने वाले चेहरों की सूची भी तैयार हैं।

पार्टी चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बचे करीब सवा महीने का भरपूर सदउपयोग करना चाहती हैं। अघोषित तौर पर पूरे इलेक्शन की कमान राजनीति के चाणक्य अमित शाह के कंधो पर हैं। इसलिए 3 सितंबर की शुभ-बेला में चित्रकूट से पहली यात्रा को हरी झंडी शाह ही दिखाएंगे। प्रदेश से लेकर केन्द्रीय संगठनात्मक गुप्त बैठकों में ठोस रणनीति बनी हैं। बताने लायक बातें जरुरी लोगों को बता दी गई, बाकी बताने का कोटा उन लोगों को दे दिया गया हैं, जो प्रदेश के अलग-अलग रूट पर जनता के बीच आशीर्वाद लेने निकलेंगे।
बीजेपी 2018 की हार से सबक लेते हुए इस बार कोई ऐसी भूल नहीं करना चाहती, जिसका खामियाजा नतीजों में दिखाई दें। पार्टी के लिए एमपी जीतना साख का भी सवाल हैं। क्योकि कर्नाटक हार के जख्म हरे है और अगले साल 'मिशन 2024' में भी नैया पार लगाना हैं। लिहाजा सियासत के उन कटीली राहों पर भी नजर हैं, जो जीत की राह में रोड़ा बन सकती हैं। यही वजह है पार्टी ने केंद्र से लेकर प्रदेश में भी दमखम रखने वाले चेहरों पर भरोसा जताया हैं।
यात्रा को सफल बनाने इन पर भरोसा
मुख्य तौर पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान तो चेहरा होंगे ही, लेकिन पार्टी ने मंथन के बाद जो सूची तैयार की है, उसमें दर्जन भर से ज्यादा बड़े नेता अलग-अलग जगहों पर यात्रा की कमान संभालेंगे। समापन वाले दिन यानि 24 सितंबर को पीएम मोदी के भोपाल पहुंचने की संभावना हैं। उनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, चुनाव प्रबंधन समिति संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, वीरेंद्र खटीक, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
5 यात्राओं का ये है रूट मैप
पहली यात्रा- 3 सितंबर को चित्रकूट से पहली यात्रा शुरू होगी. जिसकी शुरुआत अमित शाह करेंगे.
दूसरी यात्रा- 5 सितंबर को मंडला से दूसरी यात्रा शुरू होगी. मंडला से जबलपुर से होते हुए यात्रा भोपाल आएगी.
तीसरी यात्रा- 3 सितंबर को खंडवा से राजनाथ सिंह यात्रा शुरू करेंगे.
चौथी यात्रा- 4 चार सितंबर को नीमच से शुरू होकर बुधनी होते हुए भोपाल आएगी. इसे भी राजनाथ सिंह शुरू करें.गे
पांचवीं यात्रा- 6 सितंबर को श्योपुर से शुरू होगी. जेपी नड्डा इसकी शुरुआत करेंगे और रायसेन होते हुए यात्रा भोपाल आएगी।
लगभग 10 हजार किलोमीटर का सफ़र
ये पूरा प्रोग्राम चुनाव का बड़ा हिस्सा हैं। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी कह चुके है कि ये 5 यात्राएं 92 दिन का काम करने के लिए हैं, जिसमें 21 दिन बिताए जाएंगे। चुनाव में सीएम फेस शिवराज ही है, लिहाजा उनके कंधो पर ज्यादा जिम्मेदारी हैं। रोजाना हर यात्रा में तो शामिल नहीं हो सकते लेकिन प्रोग्राम में शेड्यूल ऐसा तय किया गया है कि शिवराज कम से कम दो यात्राओं में तो हिस्सा ले सकें। 210 विधानसभाओं को छूता हुआ पांचो यात्राओं का काफिला कुल 10 हजार 643 किमी की दूरी तय करेगा। जिसकी कंट्रोल हाउस राजधानी भोपाल में ही बनाया गया हैं।












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