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ये तो अद्भुत है! दो जिस्मों में धड़क रहा एक दिल, अनोखे जुड़वां बच्चें के जन्म से डॉक्टर हैरान, परिवार चिंतित

Shahdol News: दो जिस्म एक जान.... ये लाइन सिर्फ अब तक हम फिल्मों या शेर-शायरी में सुनते थे। लेकिन, आज साक्षात देख भी सकते हैं। इसे कुदरत का खेल ही कहा जाएगा, यह अद्भुत घटना मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की है। यहां एक महिला ने 4 हाथ-पैर, 2 सिर और एक पेट वाले जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है।

शहडोल मेडिकल कॉलेज में रविवार शाम को दो जिस्मों के साथ एक दिल वाले नवजात शिशु पैदा हुए हैं। दोनों नवजातों के जिस्म आपस में जुड़े हुए हैं। बच्चों की मां स्वस्थ है।

वहीं सीने में एक दिल लेकर आपस में जुड़े नवजातों को देखकर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। नवजात शिशुओं को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। मेडिकल कालेज प्रबंधन इन्हें रीवा या जबलपुर भेजने की तैयारी कर रहा है।

जानकारीमुताबिक अनूपपुर जिले के कोतमा की रहने वाली 25 वर्षीय जोगी पति रवि जोगी को परिजन रविवार को प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। यहां शाम करीब 7:30 बजे प्रसूता का सीजेरियन किया गया। इस दौरान जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ है।

परिजन ने बताया कि रूटीन चेकअप के दौरान डॉक्टर यह बता रहे थे कि बच्चे जुड़वा हैं, लेकिन दोनों जुड़े हैं ये नहीं बताया था। वहीं, डॉक्टर कह रहे हैं कि दुनिया में एक लाख में से ऐसा एक बच्चा पैदा होता है।

मां समेत परिवार के लोग चिंता में
नवजातों को जन्म देने वाली मां समेत परिवार के लोग ऐसी हालत में जुड़वा बच्चों को देखकर चिंता में पड़ गए हैं। उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है की शरीर से एक-दूसरे से जुड़े बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेंगे। इनका स्वास्थ्य और भविष्य क्या होगा।

अजीब चेहरे वाले बच्चों का डॉक्टर ने बताया सच
डॉक्टर बोले-ऐसे नवजातों को सीमंस ट्विन्स कहते हैं। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉक्टर नागेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे मामले यदाकदा ही सामने आते हैं। ऐसे नवजातों को सीमंस ट्विंस भी कहा जाता है। जिसमें दो अलग अलग भ्रूण शुरुआती अवस्था में गर्भ के अंदर एक-दूसरे से चिपक जाते हैं। जिससे ऐसी स्थिति बन जाती है। ऐसे बच्चे का जीवन आगे स्थिर रह पाना बड़ा ही मुश्किल होता है।

ऐसे बच्चों को जानिए क्या कहा जाता है
दोनों के दो सिर, दो चेहरे हैं, लेकिन पैर दो और किडनी, लिवर व ब्लैडर एक-एक हैं। इन्हें अलग नहीं किया जा सकता। ऐसे बच्चों को कोन्जाॅइंड ट्विंस भी कहा जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि दुनिया में दो लाख में से एक बच्चा ऐसा पैदा होता है। ऐसे 95 फीसदी बच्चे जन्म के एक साल के भीतर दम तोड़ देते हैं। एक अनुमान ये भी है कि दो लाख में से केवल एक जुड़वां बच्चा ऐसा होता है जो लंबा जीवन जीता है।

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