अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जिला जेल बैतूल में 24 घण्टों के लिए महिला स्टाफ ने संभाली पूरी जिम्मेदारी
International Women's Day 2024: महिलाएं आज इतनी सक्षम हो चुकी हैं कि उन्हें बड़ी से बड़ी जिम्मेदारियों का सामना करने में कोई कठिनाई नहीं होती है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो इनकी स्वतंत्रता, सामर्थ्य और विश्वास को दर्शाती है। आज तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की ऐसी कई कहानियां सुनने और देखने को मिल रही है।

इसी महिला सशक्तिकरण के अवसर पर, बैतूल जिला जेल के अधीनस्थ जेलर योगेंद्र कुमार तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक बेहतरीन पहल की। उन्होंने जिला जेल की पूरी जिम्मेदारी को 24 घंटे तक महिला स्टाफ के हवाले कर दिया। इस प्रयास का उद्देश्य महिलाओं को सम्मानित करना और उनकी क्षमताओं को प्रोत्साहित करना था।

बैतूल जिला जेल में कुल 429 बंदियों की निगरानी, भोजन, दिनचर्या और जेल की चाक-चौबंद सुरक्षा का जिम्मेदारीपूर्वक संभाला गया। महिला स्टाफ ने अपनी प्रतिभा, संवेदनशीलता और साहस से इस कार्य को निर्वाह किया। उन्होंने साबित किया कि महिलाएं अब हर जिम्मेदारी का सामना करने में पूरी तरह से सक्षम हैं।

जेल में अक्सर खूंखार बंदियों से पाला पड़ता है और इसके लिए पुरुष स्टाफ की आवश्यकता होती है। लेकिन बैतूल जिला जेल में महिला स्टाफ ने एक ही दिन में ऐसी व्यवस्था संभाली जिसे देख पुरुष स्टाफ भी आश्चर्यचकित रह गया।
इस नवाचार की सफलता से आगे चलकर, जेलों में महिला स्टाफ का वर्चस्व और उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। यह प्रयास महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो समाज के साथ ही उनके व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है।
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