Prahlad Singh Patel: मध्य प्रदेश के सीएम पद के प्रबल दावेदार पहलाद पटेल के पास कितना पैसा है, कितने पढ़े-लिखें
CM Face Prahlad Singh Patel: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद अब नए मुख्यमंत्री को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इसमें मध्य प्रदेश के प्रहलाद पटेल का नाम भी है। प्रहलाद पटेल नरसिंहपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं।
प्रहलाद पटेल मध्यप्रदेश की सियासत के एक मंझे हुए और माहिर खिलाड़ी हैं। वो अब तक पांच बार सांसद का चुनाव जीत चुके हैं और केन्द्रीय मंत्री रहे हैं। प्रहलाद पटेल मां नर्मदा के अनन्य भक्त हैं और दो बार नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं। आइए जानते हैं उनकी कुल संपत्ति और पढ़ाई-लिखाई...

2 करोड़ की संपत्ति के मालिक पहलाद पटेल: भारतीय जनता पार्टी से 5 बार के सांसद प्रहलाद पटेल ने अपने चुनावी घोषणापत्र में बताया है कि उनके पास 2 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। वहीं घर में उनके पास 1 लाख रुपए कैश है। इसके साथ ही बैंक में 6 लाख 3 हजार रुपए जमा है। पहलाद के पीएफ खाता में 16लाख रुपए है तो वहीं 15 लाख की एलआईसी है। इसके साथ वह एक जर्मन मेड रिवॉल्वर तो 12 बोर की एक रायफल भी है। वहीं 1 करोड़ 41 लाख रुपए का पहलाद पटेल कर्जदार भी हैं।
प्रहलाद पटेल से ज्यादा अमीर हैं उनकी पत्नी: केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल से ज्यादा उनकी पत्नी पुष्पलता पटेल धनवान हैं। पहलाद के पास 2 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और पत्नी के पास 4.20 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। जिसमें सेविंग अकाउंट में 6 लाख 42 हजार रुपए है। इसके अलावा 7 लाख की अलग रकम है। साथ ही वह एक किलो तक सोना और 12 किलो चांदी भी है। इतना ही नहीं उनके पास में 28 लाख के शेयर भी है।
कितने पढ़े लिखे पहलाद: प्रहलाद पटेल का जन्म 28 जनवरी 1960 को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में हुआ था इनकी उम्र 63 साल है। परिवार खेती किसानी का काम करता था। पहलाद पटेल पेशे से वकील हैं। वह गवर्नमेंट साइंस कॉलेज, जबलपुर से स्नातक हैं। बीएससी, एलएलबी, एमए दर्शनशास्त्र, आदर्श विज्ञान महाविद्यालय और यूटीडी रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर मध्य प्रदेश से शिक्षा प्राप्त की।
अनुभव के लिहाज से पहलाद पटेल वरिष्ठ नेता: मुख्यमंत्री की रेस में चल रहे नामों के लिहाज से देखा जाए तो पहलाद सिंह पटेल सबसे वरिष्ठ नेता हैं। वे पहली बार 1989 में सिवनी से सांसद बने थे। वे अब तक चार अलग-अलग लोकसभा सीटों सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और दमोह से चुनाव लड़ चुके हैं।
पटेल ने कुल सात लोकसभा के चुनाव लड़े और पांच में जीत हासिल की। 1998 और 2004 के चुनाव में पटेल को क्रमश: सिवनी और छिंदवाड़ा से हार का सामना करना पड़ा। इस बार वो पहली बार विधानसभा चुनाव में नरसिंहपुर से मैदान में थे और जीत हासिल की। पटेल के लिए नेगेटिव फैक्टर यही है कि साल 2005 में जब उमा भारती ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर 'भारतीय जनशक्ति पार्टी' बनाई थी तब वो भी उनके साथ चले गए थे। हालांकि, 3 साल बाद मार्च 2009 में उन्होंने भाजपा में वापसी की थी।












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