MP elecion 2023: एमपी की 230 सीटों पर 3832 प्रत्याशियों के 4359 नामांकन, 17 नवंबर को है वोटिंग, ये दिग्गज
MP election 2023: मध्य प्रदेश में सत्ता संग्राम के लिए नामांकन की निर्धारित आखिरी तारीख तक कुल 3832 प्रत्याशियों के 4359 नामांकन पर्चे दाखिल किए। सभी 230 सीटों पर आखिरी दिन पर्चे जमा करने उम्मीदवारों में होड़ मची रही। सीएम शिवराज सिंह समेत दिग्गज तीन केन्द्रीय मंत्री और चार मौजूदा सांसद भी चुनाव मैदान में उतरे हैं।
राज्य में एक चरण में 17 नवंबर को वोटिंग हैं। अब 31 अक्टूबर को नामंकन पत्रों की जांच होगी और अभ्यर्थी 2 नवंबर तक नाम वापस ले सकते हैं। एमपी चुनाव की मतगणना तीन दिसंबर होगी। उसके बाद साफ़ हो जाएगा कि एमपी की सत्ता पर कौन सा दल राज करेगा।

सीएम शिवराज सिंह
नामांकन के आखिरी दिन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी बुधनी सीट से अपना पर्चा दाखिल किया। इस बार भी अपनी जीत और प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने के प्रति आश्वस्त दिखे। शिवराज के कंधों पर बुदनी समेत सभी 230 सीटों की भी बड़ी जिम्मेदारी हैं।
प्रहलाद पटेल
केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को बीजेपी ने नरसिंहपुर से प्रत्याशी बनाया हैं। हालांकि वह अपना नामांकन पहले ही दाखिल कर चुके थे। इस सीट पर उनके छोटे भाई जालम सिंह पटेल विधायक हैं। वह 2013 की सरकार में मंत्री भी रहे। लेकिन इस बार चुनाव लड़ने से जब उन्होंने मना किया तो पार्टी ने इस सीट के लिए बड़े भाई प्रहलाद को ही चुना।
कैलाश विजयवर्गीय
बीजेपी प्रत्याशियों की जिस दूसरी लिस्ट को देखकर मध्य प्रदेश की जनता चौंकी, उसमें प्रहलाद की ही तरह कैलाश विजयवर्गीय का भी नाम शामिल रहा। इंदौर-1 से उन्हें उम्मीदवार बनाया गया। आखिरी दिन कैलाश ने टाइम खत्म होने के ठीक नौ मिनट पहले पर्चा दाखिल किया। वर्तमान में कैलाश बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
नरेंद्र सिंह तोमर
केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बीजेपी ने चंबल के दिमनी सीट से प्रत्याशी बनाया और उन्होंने भी पर्चा दाखिल किया। तोमर का इस क्षेत्र में बड़ा जनाधार हैं। पर्चा भरने के बाद तोमर ने कहा कि इस बार फिर पूरे एमपी में कमल खिलेगा और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनेगी।
फग्गन सिंह कुलस्ते
तोमर और पटेल की तरह केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते पर मंडला सीट के लिए दांव लगाया गया हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ स्थानीय मंडला सीट के जरिए कुलस्ते पर आसपास का क्षेत्र साधने की भी दोहरी जिम्मेदारी हैं। कुलस्ते भी दावा करते नजर आए कि बीजेपी इस बार जीत के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करेगी।
राकेश सिंह
जबलपुर लोकसभा सीट से चार बार से सांसद राकेश सिंह को भी कांग्रेस वाली ताकतवर सीट में सेंध लगाने चुनाव में उतारा हैं। जबलपुर पश्चिम विधानसभा से प्रत्याशी बनाए गए हैं। वह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और जबलपुर में अच्छा सियासी वजूद रखते हैं।
रीती पाठक
सीधी से मौजूदा विधायक केदारनाथ शुक्ला को टिकट नहीं दिया है, जहां से उनकी जगह रीति पाठक को मैदान में उतारा गया है। पाठक सिंगरौली से मौजूदा सांसद हैं। केदारनाथ शुक्ला का संबंध प्रवेश शुक्ला से था, जिन्हें जुलाई में आदिवासी व्यक्ति दशमत रावत पर पेशाब करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। होशंगाबाद से वर्तमान सांसद उदय प्रताप सिंह को गाडरवारा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है।












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