जल गंगा संवर्धन अभियान की CM मोहन यादव ने की शुरुआत, कहा- लोगों को जोड़ने का है अभियान
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रायसेन के झिरी भेड़ा में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की। इस पहल की शुरुआत बेतवा नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद पौधारोपण किया गया। सीएम यादव ने बताया कि आज विश्व पर्यावरण दिवस है और सरकार नदियों के संरक्षण के लिए यह अभियान शुरू कर रही है।
बेतवा नदी का पुरातात्विक और धार्मिक महत्व है और यह राज्य की प्रमुख नदियों में से एक है। सीएम यादव ने भारतीय संस्कृति में नदियों, पौधों और पेड़ों के महत्व पर जोर दिया। सरकार ने क्षेत्र की सिंचाई के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना भी शुरू की है। जल प्रहरी और जल सम्मेलन जैसी गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों को जल और पर्यावरण संरक्षण में शामिल करना है।

सीएम यादव ने नागरिकों से जल-संरक्षण करने वाले पौधे लगाकर जल गंगा संवर्धन अभियान में भाग लेने का आग्रह किया। अभियान में जल संरचनाओं को उन्नत करने को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि उन्हें व्यवसाय और रोजगारोन्मुखी बनाया जा सके। पर्यटन, मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन जैसी कुछ संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है। जल संग्रहण संरचनाओं से निकाली गई मिट्टी और खाद से स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य नर्मदा, चंबल, ताप्ती, बेतवा, सोन, तवा, क्षिप्रा, केन, सिंधु और पार्वती जैसी प्रमुख नदियों को पुनर्जीवित और संरक्षित करना है। तालाब, झील, कुएं और बावड़ी जैसी ऐतिहासिक जल संरचनाएं भी इस प्रयास का हिस्सा होंगी। इन जल स्रोतों के पास स्थित धार्मिक और पुरातात्विक स्थलों पर जनहित कार्यक्रम, सफाई अभियान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भजन आयोजित किए जाएंगे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जल स्रोतों के संरक्षण के लिए अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। अभियान में प्राचीन मंदिरों, पुरातात्विक स्थलों के जीर्णोद्धार और जलीय जीवन तथा वनस्पतियों के अध्ययन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल स्रोतों को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।












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