श्रद्धेय माता कस्तूरबा गांधी की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया नमन, कही ये खास बात
MP News: अपने सर्वस्व की आहुति देने वाली श्रद्धेय माता कस्तूरबा गांधी की जयंती पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें नमन किया। इस दौरान सीएम यादव ने कहा कि देशसेवा एवं महिलाओं के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाली 'बा' सदैव नारी शक्ति की प्रेरणापुंज रहेंगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने ऑफिशियल 'X' हैंडल पर कस्तूरबा गांधी फोटो शेयर की। साथ ही, उन्होंने लिखा, त्याग एवं शक्ति का प्रतीक, नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण यज्ञ में अपने सर्वस्व की आहुति देने वाली श्रद्धेय माता कस्तूरबा गांधी जी जयंती पर शत्-शत् नमन करता हूं।

इतना ही नहीं, सीएम यादव ने आगे लिखा कि बापू की संघर्षगाथा 'बा' के योगदान के बिना अधूरी है। देशसेवा एवं महिलाओं के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाली 'बा' सदैव नारी शक्ति की प्रेरणापुंज रहेंगी। बता दें कि कस्तूरबा गांधी का एक धनी परिवार जन्म 11 अप्रैल 1869 को पोरबंदर में हुआ था।
कस्तूरबा गांधी का बचपन का नाम कस्तूर कपाड़िया था और उनके पिता पोरबंदर के पूर्व मेयर गोकुलदास मकनजी कपाड़िया एक सम्मानित व्यापारी थे। वे विदेशों में कपड़े, अनाज और कॉटन का व्यापार करते थे और समुद्र में उनके जहाज चलते थे। कस्तूरबा चार भाईयों की इकलौती बहन थीं। सिर्फ 13 साल की उम्र में उनकी शादी गांधी जी से हो गई।
कस्तूरबा गांधी, महात्मा गांधी से 6 महीने बड़ी थीं। महात्मा गांधी की पत्नी होने के अलावा कस्तूरबा गांधी की अपनी भी एक पहचान थी। वो एक समाज सेविका थीं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में अमानवीय हालात में भारतीयों को काम कराने के विरुद्ध आवाज उठाई। इसकी वजह से कस्तूरबा को तीन महीने के लिए जेल भी जाना पड़ा।












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