MP News: मध्य प्रदेश बजट 2025-26 पेश: कोई नया कर नहीं, उद्योगों में मिलेंगी 3 लाख नौकरियां
MP News: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4,21,032 करोड़ रुपए का बजट पेश किया।
बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया और न ही कर की दरें बढ़ाई गईं। बजट का फोकस रोजगार, महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास और कृषि पर रहा।

बजट में किसी भी नए कर का प्रावधान नहीं किया गया है और न ही किसी कर की दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत एक कविता से की-
"यही जुनून, यही एक ख्वाब मेरा है,
वहां चिराग जला दूं जहां अंधेरा है..."
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य "विकसित मध्यप्रदेश" बनाना है, जिससे जनता का जीवन खुशहाल हो और महिलाओं को आत्मगौरव मिले।
बजट की मुख्य बातें
- 1 अप्रैल 2025 से सातवें वेतनमान के महंगाई भत्ते का पुनरीक्षण किया जाएगा।
- किसानों के लिए 5220 करोड़ रुपये का प्रावधान मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना के तहत किया गया है।
- लाड़ली बहनों की राशि नहीं बढ़ेगी, लेकिन उन्हें पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा।
- प्रदेश में 39 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे 3 लाख नौकरियां मिलेंगी।
- 22 नए आईटीआई खोले जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा दी जा सके।
- सीएम युवा शक्ति योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में सर्व-सुविधायुक्त स्टेडियम बनाए जाएंगे।
- प्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय स्थापित होगा।
- धार में डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान और डिंडोरी में जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान शुरू किए जाएंगे।
- शिवराज सिंह चौहान भी रहे मौजूद
- बजट भाषण के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विधानसभा में मौजूद रहे। उन्होंने बजट को विकासोन्मुखी बताते हुए कहा कि सरकार किसानों, युवाओं और महिलाओं के हित में काम कर रही है।
उद्योग और रोजगार पर बड़ा फोकस
- बजट में उद्योगों के विकास और नई नौकरियों पर खास ध्यान दिया गया है। सरकार ने ऐलान किया कि प्रदेश में 39 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा, जिससे 3 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
- वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को "इंडस्ट्री हब" बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। इसके लिए नए उद्योगों को कर छूट और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।
लाड़ली बहनों के लिए पेंशन योजना, लेकिन राशि नहीं बढ़ेगी
बजट में लाड़ली बहना योजना की राशि नहीं बढ़ाई गई, जिससे महिलाओं को थोड़ी निराशा हो सकती है। हालांकि, सरकार ने उन्हें पेंशन योजना से जोड़ने का ऐलान किया है। इससे भविष्य में उन्हें नियमित वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
कृषि और किसानों के लिए राहत
- किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना के तहत 5220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई सिंचाई योजनाएं लागू की जाएंगी।
- खाद और बीज पर सब्सिडी जारी रहेगी।
- शिक्षा और खेल क्षेत्र में बड़े फैसले
- प्रदेश में 22 नए आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) खोले जाएंगे, जिससे युवाओं को तकनीकी शिक्षा दी जा सके।
- सीएम युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में सर्व-सुविधायुक्त स्टेडियम बनाए जाएंगे।
- डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित होगी।
- राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की भी स्थापना की जाएगी।
कांग्रेस का विरोध, विधायक का अनोखा प्रदर्शन
बजट पेश होने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह गेहूं की फसल का गट्ठा कंधे पर लेकर विधानसभा पहुंचे। उनका कहना था कि सरकार ने चुनाव में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन अब किसान परेशान हो रहे हैं। जब वह गेहूं का गट्ठा लेकर सदन में घुसने की कोशिश करने लगे, तो मार्शल ने उन्हें रोका, जिससे उनकी बहस हो गई।
बजट में क्या नहीं मिला?
- लाड़ली बहनों की राशि नहीं बढ़ी।
- किसानों के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं हुई।
- नई स्वास्थ्य योजनाओं का जिक्र नहीं किया गया।
- शहरी क्षेत्रों के विकास पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया गया।
- बजट पर सरकार का पक्ष
- वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से विकास पर केंद्रित है। उन्होंने कहा,
- "हमारा लक्ष्य विकसित मध्यप्रदेश बनाना है, जिससे हर नागरिक खुशहाल हो।"
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बजट पेशी के दौरान विधानसभा में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाला है।












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