MP assembly election 2023: 'मरहम लगाया तो कांटे की नोंक से', प्रमोद कृष्णन ने दिग्विजय सिंह पर क्यों कसा तंज!
MP assembly election 2023: सत्ता-संग्राम का रुतबा ही ऐसा होता हैं, अपने भी कांटे जैसे चुभने लगते हैं या फिर उनको कांटो की तरह बताने की कोशिश होती हैं। मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस की घोषित हुई 144 प्रत्याशियों की लिस्ट के बाद बगावती तेवर गरमाए तो ऐसे रूठों को मनाने जतन हो रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए ऐसे कांग्रेसियों को संगठन में जगह देने का भरोसा भी दिया। टिकट वितरण की कठिनाइयों को भी बताने की कोशिश की। इसी बीच जारी हुए पार्टी के घोषणा पत्र के दौरान 'कपड़े फाड़' सियासत पर आचार्य प्रमोद कृष्णन ने भी एंट्री ली।
ये एंट्री सोशल मीडिया के जरिए ही ली गई। दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर कमेन्ट करते हुए प्रमोद कृष्णन ने लिखा कि 'कुछ इस तरह से किया उसने "ज़ख़्म" का इलाज, मरहम भी लगाया तो "काँटे" की नोक से"। शायराना अंदाज में प्रमोद के मन की इस बात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। यूजर्स से सवाल पूछने लगे है कि 'बताया जाए कि इस चुनावी मौसम में आखिर काँटा कौन हैं?

आपको बता दें कि वचन पत्र घोषणा के वक्त दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच कपड़ा फाड़ को लेकर हंसी ठिठोली हुई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। बाद में दिग्विजय सिंह ने एक वीडियो लिखा कि 'बे-तकल्लुफ़ वो औरों से हैं नाज़ उठाने को हम रह गए'!
आचार्य प्रमोद कृष्णन का शायराना अंदाज वाला दिग्विजय सिंह को जबाव अब चर्चा में हैं। एन चुनाव के वक्त टिकट वितरण पर भड़की बगावत की आग में यह मैसेज कितना घी का काम करेगा? यह वक्त ही बताएगा। फिलहाल जनता के बीच गुटबाजी का संदेश जरुर पहुंचाने की कोशिश हो रही हैं।
टिकट वितरण सबसे कठिन काम
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपना पुराना अनुभव भी बताया। उन्होंने लिखा कि - "मुझे 1985 में राजीव जी ने 38 वर्ष की आयु में मप्र कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। तब से टिकट वितरण प्रक्रिया से जुड़ा रहा हूं। यह सबसे कठिन काम है। इस चुनाव में लगभग 4000 उम्मीदवार चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। इनमें से केवल 230 का चयन होना है। मापदंड क्या हो सकता है? जिला कांग्रेस से नाम लिए गए। वरिष्ठ कांग्रेस जनों से नाम लिए गए। आईसीसी के सचिवों ने हर विधान सभा क्षेत्र में जा कर कार्यकर्ताओं से चर्चा की गई। आईसीसी की स्क्रीनिंग कमेटी ने भोपाल में आ कर सभी से मिलने का प्रयास किया। निष्पक्षता से हर विधानसभा क्षेत्र का सर्वे करवाया गया। प्रदेश कांग्रेस ने अलग अलग लोगों से सर्वे कराया। फिर प्रयास किया है कि आम सहमति बने। अधिक से अधिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। महिलाओं व युवाओं को अवसर दिया जाए। फिर भी सभी को संतुष्ट करना संभव नहीं है।"
दिग्विजय सिंह ने एक के बाद एक पांच ट्वीट करते हुए लिखा- "प्रत्याशियों में असंतोष होना स्वाभाविक है। क्योंकि हर उम्मीदवार यह समझता है केवल वही चुनाव जीत सकता है। जनता बदलाव चाहती है। विकल्प केवल कांग्रेस है। जिनको उम्मीदवार नहीं बना पाए हैं उनको संघटन में स्थान दिया जाना चाहिए। यदि सरकार बनती है तो सभी योग्य लोगों को सम्मानित स्थान पर अवसर मिलना चाहिए। मैं सभी टिकट प्राप्त करने में असफल रहे उम्मीदवारों से अपील करना चाहता हूं आप धैर्य रखें। हम सभी को मिलजुल कर सरकार बनाना है।आप सभी से विनम्र अपील है, आपको जो कहना है वह तथ्यों के आधार पर आईसीसी के महासचिव, सचिव व पर्यवेक्षक जी को लिखित में अपना प्रतिवेदन दें। न्याय अवश्य मिलेगा।












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