MP News: पांडूतला चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के खिलाफ ट्रक ड्राइवर का गुस्सा, परिवहन कर्मचारी की चप्पल से कुटाई
MP News: मध्य प्रदेश के मंडला जिले के पांडूतला चेकपोस्ट पर परिवहन विभाग के कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली के खिलाफ एक ट्रक ड्राइवर का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब उसने परिवहन कर्मचारी पर डंडे से हमला करने की कोशिश की और जवाब में चप्पल से उसकी पिटाई कर दी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद परिवहन आयुक्त ने प्रधान आरक्षक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया। इस घटना ने परिवहन विभाग की चेकपोस्ट पर चल रही गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पूरी घटना विस्तार से
26 मई 2025 को पांडूतला चेकपोस्ट पर परिवहन विभाग के उड़नदस्ता कर्मचारियों और एक ट्रक ड्राइवर के बीच अवैध वसूली को लेकर विवाद शुरू हुआ। X पर वायरल वीडियो और खबरों के अनुसार, ड्राइवर ने आरोप लगाया कि RTO कर्मचारी और उनके साथ मौजूद प्राइवेट कटर (दलाल) ट्रक चालकों से बिना रसीद के पैसे मांग रहे थे। जब ड्राइवर ने इसका विरोध किया, तो प्रधान आरक्षक मनोज कुमार और अन्य कर्मचारियों ने डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कर्मचारियों ने ड्राइवर का मोबाइल भी तोड़ दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
गुस्साए ड्राइवर ने जवाब में चप्पल निकालकर कर्मचारी की पिटाई शुरू कर दी, जिससे चेकपोस्ट पर हंगामा मच गया। अन्य ड्राइवरों और स्थानीय लोगों के जमा होने से 3 घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा।
Mandla VIDEO MP news: परिवहन आयुक्त की कार्रवाई
27 मई 2025 को वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया। साथ ही, परिवहन विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें चेकपोस्ट पर अवैध वसूली और मारपीट के आरोपों की जांच होगी।
परिवहन आयुक्त ने कहा, "पांडूतला चेकपोस्ट पर हुई घटना गंभीर है। अवैध वसूली और मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।"
Mandla VIDEO MP news: चेकपोस्ट पर अवैध वसूली
मध्य प्रदेश में परिवहन चेकपोस्ट पर अवैध वसूली की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं। जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंतरराज्यीय चेकपोस्ट बंद कर 45 चेकपॉइंट शुरू करने का आदेश दिया था, ताकि पारदर्शिता बढ़े। इसके बावजूद, रतलाम, नीमच, बड़वानी, और सेंधवा जैसे चेकपॉइंट्स पर वसूली की घटनाएं सामने आईं। दैनिक भास्कर की एक स्टिंग ऑपरेशन में सर्वन चेकपोइंट (रतलाम) पर कर्मचारियों को 500-3,000 रुपये प्रति ट्रक वसूलते पकड़ा गया। पांडूतला चेकपोस्ट भी जबलपुर-नागपुर हाइवे पर एक प्रमुख बिंदु है, जहां मालवाहक ट्रकों से अवैध वसूली की शिकायतें आम हैं।
ड्राइवरों का गुस्सा और मारपीट
पांडूतला की घटना में ट्रक ड्राइवर ने परिवहन कर्मचारी की चप्पल से पिटाई की, जो अवैध वसूली के खिलाफ बढ़ते गुस्से का प्रतीक है।" ट्रक ड्राइवर यूनियन के मंडला इकाई अध्यक्ष रामकुमार साहू ने कहा, "पांडूतला चेकपोस्ट पर हर ट्रक से 500-1,000 रुपये वसूले जाते हैं। प्राइवेट कटर और RTO कर्मचारी मिलकर ड्राइवरों को लूटते हैं। ड्राइवर का गुस्सा जायज है।"
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इस घटना को मोहन यादव सरकार पर हमला करने का मौका बनाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर लिखा, "मुख्यमंत्री ने पिटोल में हुई 'सरकारी हत्या' से सबक नहीं लिया, तभी अवैध वसूली को सरकारी मान्यता मिल रही है!" नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "पांडूतला की घटना RTO की गुंडागर्दी का सबूत है। भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।"
भाजपा ने जवाब में कार्रवाई का हवाला दिया। प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, "परिवहन आयुक्त ने तत्काल निलंबन किया। मोहन यादव सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।"
अप्रैल 2025 में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने चेकपोइंट पर पारदर्शिता के लिए नए नियम लागू किए, जिनमें:
- 15 मिनट में वाहन जांच का नियम।
- बॉडी वॉर्न कैमरे और POS मशीन का उपयोग।
- अनावश्यक देरी पर कारण बताना अनिवार्य।
हालांकि, पांडूतला की घटना दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर ये नियम लागू नहीं हो रहे। चुनौतियां
- प्राइवेट कटर: दलालों की मिलीभगत से वसूली।
- कम निगरानी: चेकपोइंट पर CCTV और कैमरे की कमी।
- कर्मचारी प्रशिक्षण: पारदर्शिता के लिए अपर्याप्त प्रशिक्षण।
- राजनीतिक दबाव: स्थानीय नेताओं का हस्तक्षेप।
- राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अनिल त्रिवेदी ने कहा, "पांडूतला की घटना परिवहन विभाग की भ्रष्ट व्यवस्था को उजागर करती है। डिजिटल चेकपोइंट और कड़ी निगरानी ही इसका समाधान है।"












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