दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार किसी भी प्रगतिशील और सभ्य समाज के लिए चिंताजनक: विभा पटेल

Bhopal News: दलित युवती के साथ हुए अन्याय, उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत, परिवार के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल महोदय मंगुभाई पटेल जी के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

एमपी महिला कांग्रेस ने आज सागर के खुरई में हुई दलित परिवार की घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि अंजना अहिरवार की मौत हादसा नहीं हत्या है।

Mahila Congress Vibha Patel protested on the incident of Dalit family in Khurai of Sagar

उन्होंने सागर जिले की खुरई तहसील के बरोदिया नोनागिर गांव में 9 महीने पहले एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत के बाद सत्ता पक्ष से जुड़े दबंगों, रसूखदारों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होने के संबंध में अवगत कराया।
मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस का मानना है कि भाजपा की मोहन यादव सरकार के राज में मध्य प्रदेश में दलित होना गुनाह है? यह आरोप नहीं एक स्याह सच है। शर्मनाक है। मानवता के खिलाफ है।

दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार किसी भी प्रगतिशील और सभ्य समाज के लिए चिंताजनक हैं। मध्य प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना बढ़ गए हैं। सामाजिक न्याय के बड़े-बड़े दावों के बावजूद दलितों के खिलाफ लगातार हिंसा बढ़ रही है।

ताजा मामला सागर जिले की तहसील खुरई के बरोदिया नोनागिर गांव का है। यहां भाजपा से जुड़े रसूखदारों और दबंगों के कारण दलितों का जीवनयापन करना कठिन हो गया है। इनके दमन, यौन शोषण, क्रूर व्यवहार, असम्मानजनक एवं अभद्र भाषा की टिप्पणियां, जाति सूचक शब्दों के उपयोग से दलित वर्ग सहमा हुआ है। डरा हुआ है। इन लोगों का आतंक इतना है कि कोई भी व्यक्ति पुलिस के सामने सच बोलने को तैयार नहीं है। वहीं, सत्ता पक्ष के कथित दबाव में पुलिस का रवैया भी सौतेले जैसा है। दलितों को पुलिस से संरक्षण, न्याय, सुरक्षा, सहानुभूति मिलना तो दूर उल्टे झिड़कियां मिल रही है।

Mahila Congress Vibha Patel protested on the incident of Dalit family in Khurai of Sagar

मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस आपके संज्ञान में लाना चाहती है कि सागर जिले की खुरई तहसील बरोदिया नोनागिर गांव में अपने चाचा राजेंद्र अहिरवार का (26 मई 2024) रविवार शाम को शव लाते समय एम्बुलेंस का गेट खुलने से दलित युवती अंजना अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह मौत सामान्य नहीं है। मौत के कारण स्वीकार योग्य नहीं है। अहिरवार के परिजनों का आरोप है कि राजेंद्र अहिरवार को घर से बुलाकर सरे आम निर्मम तरीके से पहले पीटा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी। वहीं, अंजना इस मामले में मुखर होकर पुलिस से फरियाद कर रही थी लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। छल से उसकी हत्या कर दी गई। मामले में भाजपा से जुड़े रसूखदार और दबंग लोग लीपापोती कर रहे हैं। अंजना के पिता रामसेवक तो इतने डरे हुए हैं कि कुछ बोल ही नहीं पा रहे।

महिला कांग्रेस ने कहा कि अंजना अहिरवार के परिवार में 9 महीने में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हुई। यह भी स्वाभाविक नहीं थीं। इनमें से दो मामले सीधे तौर पर हत्या के है। पुलिस को कोई चश्मदीद भी नहीं मिला। यह भी भाजपा से जुड़े रसूखदार और दबंगों के प्रभाव और उनके आतंक, खौफ को दर्शाता है। यहां चार दिन पहले राजेंद्र अहिरवार की हत्या हुई है। इस हत्या के बाद गांव के सभी दलितों के घर-घर में ताले लगे हैं। हत्या के बाद गांव के सभी दलित अपनी जान की सुरक्षा के लिए यहां से भाग गए हैं। नगर पंचायत के रिकॉ़र्ड के मुताबिक गांव की आबादी 3520 जबकि कुल मतदाता 2150 होना बताया गया है। इसमें 112 परिवार अहिरवार समाज के हैं। कहने का आशय इतना है कि अब तक आरोपियों की न तो गिरफ्तारी हुई और न ही आरोपियों के घर बुलडोजर पहुंचा। पूरे गांव में दहशत इतनी है कि दलित परिवार के लोग वापस लौटने को तैयार नहीं है।भाजपा के कुछ नेताओं के दबाव में पुलिस है। वह सिर्फ रस्म अदायगी की तरह कार्यवाही करने की बात कह रही है।

उल्लेखनीय है कि इसके पहले दमोह जिले के दलित परिवार के तीन सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, नरसिंहपुर जिले के करेली में एक दलित महिला की संदिग्ध अवस्था में लाश मिली, पन्ना जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के दो मासूम बच्चों की गला रेत कर हत्या कर दी गई. वहीं खंडवा में 4 साल की बच्ची से गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद उसे मौत के घाट उतार दिया गया। ये घटनाएं बताती हैं कि प्रदेश में दलित समाज खुद को असुरक्षित समझ रहा है। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग निरंकुश होकर दलितों पर अत्याचार कर रहे हैं और पुलिस तमाशबीन की भूमिका में है।

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