आदिवासियों के लिए मोहन यादव सरकार ने बड़ा फैसला, खत्म होंगे वन अपराध के 8 हजार मामले
MP News: लोकसभा चुनाव से फ्री होते ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फिर से एक्शन मोड में नजर आ रहे है। मोहन यादव सरकार ने आदिवासियों के लिए अहम फैसला लिया है। सरकार ने आदिवासियों के खिलाफ दर्ज 8,000 वन अपराध के मामलों को खत्म करने का फैसला किया है।
इस बात की जानकारी सभी जिला वन अधिकारियों (डीएफओ) को दे दी गई है। जल्द ही इन मामलों को वापस ले लिया जाएगा। वन मुख्यालय ने सभी डीएफओ को एक कार्ययोजना भेजी है। इस योजना का उद्देश्य वन अधिनियम 1927 और वन्य प्राणी (संरक्षण अधिनियम 1972) के तहत पिछले कुछ सालों में दर्ज मामलों का समाधान करना है।

इन मामलों को तीन महीने के भीतर खत्म करने का लक्ष्य है। वन विभाग द्वारा कुल 7,902 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 3,470 मामले विभाग के पास लंबित हैं, जबकि 4,432 मामले न्यायालय में लंबित हैं। सरकारी वकील न्यायालयीन मामलों के समाधान में तेजी लाएंगे।
अवैध अतिक्रमण, अवैध कटाई और अधिकारियों पर हमले के मामले विभिन्न जिलों में दर्ज किए गए हैं। इस दौरान वन अधिकारियों और आदिवासियों के बीच झड़पें भी हुई हैं। अब सरकार आदिवासियों के खिलाफ लंबित इन मामलों को वापस लेगी।
मध्य प्रदेश में आदिवासियों की आबादी 20 प्रतिशत से ज़्यादा है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है। आदिवासियों के ख़िलाफ़ वन विभाग द्वारा दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग पहले भी उठ चुकी है।












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