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Elephant deaths: मध्य प्रदेश में 10 हाथियों की मौत, सरकार ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को किया निलंब

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व (बीटीआर) में हाल ही में हुई दस हाथियों की मौत के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई की है। बीटीआर के निदेशक गौरव चौधरी और सहायक वन संरक्षक फतेह सिंह निनामा को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कदम एक उच्च स्तरीय जांच दल द्वारा रिपोर्ट सौंपने के बाद लिया गया।

प्रारंभिक जांच में हाथियों की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन उनके भोजन में कीटनाशक या बाहरी हस्तक्षेप के सबूत नहीं मिले हैं। मुख्यमंत्री यादव ने इस घटना को "बहुत दर्दनाक" बताते हुए मामले की गहन जांच के लिए वन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को भी मौके पर भेजा।

Bandhavgarh Tiger Reserve

शुक्रवार की रात को मुख्यमंत्री ने एक आपात बैठक आयोजित की, जिसमें वन मंत्री प्रदीप अहिरवार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल और वन बल के प्रमुख असीम श्रीवास्तव ने भी हिस्सा लिया। ये टीम तुरंत बीटीआर के लिए रवाना हुई और जांच के बाद रविवार को भोपाल लौट आई।

घटनाओं का सिलसिला और हालात की गंभीरता

29 अक्टूबर को बीटीआर के खलील रेंज में संखनी और बाकेली क्षेत्र में चार हाथी मृत पाए गए। इसके बाद, 30 अक्टूबर को चार और हाथियों की मौत हुई और 31 अक्टूबर को दो और हाथी मृत पाए गए। इसके अतिरिक्त, एक हाथी के हमले में दो लोग भी मारे गए और एक घायल हो गया।

प्रारंभिक रिपोर्टों में हाथियों के पेट में विषाक्तता के संकेत मिले हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में कोदो बाजरा पाया गया है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को जल्द से जल्द शव परीक्षण रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं, जो कुछ दिनों में आने की संभावना है।

मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उपाय
मुख्यमंत्री यादव ने मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए कई नई योजनाओं का एलान किया है।

  • मुआवजा बढ़ाया गया: राज्य सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे को 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया है। इसका लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जिनके सदस्य हाल ही में हाथी के हमले में मारे गए हैं।
  • सौर बाड़ लगाई जाएगी: फसलों को हाथियों से बचाने के लिए खेतों के चारों ओर सौर बाड़ लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे फसलों को हाथियों द्वारा नष्ट किए जाने से बचाया जा सकेगा।
  • हाथी कार्य बल का गठन: हाथियों की सुरक्षा के लिए विशेष "हाथी कार्य बल" का गठन किया जाएगा।
  • अन्य राज्यों से सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाना: मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक, केरल और असम जैसे राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाते हुए दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

दीर्घकालिक योजना और रेडियो ट्रैकिंग

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों, विशेषकर छत्तीसगढ़ से आए हाथियों के आवागमन पर नजर रखने के लिए रेडियो ट्रैकिंग प्रणाली लागू की जाएगी। इससे हाथियों की हरकतों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को कम किया जा सकेगा।

बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में हाथियों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है। मुख्यमंत्री के ये सक्रिय कदम वन्यजीवों के संरक्षण और मानव समाज के साथ उनके सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और मध्य प्रदेश के जंगलों में वन्यजीवों का जीवन सुरक्षित रह सके।

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