Kuno में चीतों को लेकर अलर्ट सरकार, ट्रेनिंग के लिए अफ्रीका जा सकते अधिकारी, 6 जून को सीएम शिवराज का विजिट
मध्य प्रदेश के कूनो में प्रोजेक्ट चीता पर कई सवाल उठ रहे हैं। तीन शावकों समेत 6 चीतों की मौत के बाद सरकार भी अलर्ट मोड पर हैं। हर महीने अब यहां की रिपोर्ट समीक्षा होगी।

Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो में बीते दो महीने में तीन शावकों समेत 6 चीतों की मौत ने हर किसी के कान खड़े कर दिए हैं। पार्क उसके बाड़े में चीतों के हालातों को लेकर भी एक्सपर्ट कई तरह की राय दे रहे हैं। इस मामले में सरकार बहुत जल्द कई बड़े कदम उठा सकती हैं।
मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने पार्क प्रबंधन के अधिकारियों के साथ बैठक की। नामीबिया फिर दक्षिण अफ्रीका से लाकर कूनो में छोड़े गए चीतों की हुई मौत को लेकर चिंता जताई गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अब हर महीने रिपोर्ट मांगी है।
इधर केन्द्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा है कि कूनो में चीतों के रहवास और इंतजामों में कोई कमी नहीं है। चूंकि चीते अफ्रीका की भौगोलिक परिस्थितियों के है, लिहाजा यहां के वन विभाग के अधिकारियों की अफ्रीका में ट्रेनिंग कराई जा सकती हैं। ताकि वहां के एक्सपर्ट से कूनो के वातावरण में चीतों के रखरखाव के बारे में और जानकारी हासिल की जा सकें।

कूनो में चीतों की संख्या को लेकर उठ रहे सवालों पर केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि आने वाले 5 साल में सब कुछ सेटल हो जाएगा। गांधीसागर में शिफ्ट करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि नवंबर तक वहां चीते शिफ्ट कर दिए जाएंगे। इसके अलावा अब हर महीने कूनो के हालातों की रिपोर्ट की समीक्षा भी होगी। 6 जून को सीएम और केन्द्रीय मंत्री ने कूनो पार्क का निरीक्षण करने का फैसला लिया हैं।
वहीं ज्वाला के तीन शावकों की मौत के बाद बीते रविवार को मादा चीता निरवा को भी बड़े बाड़े से रिलीज कर दिया गया है। खुले जंगल में चीतों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। ज्वाला चीता के आखिरी बचे शावक की तबीयत में सुधार हो रहा है। पीसीसीएफ जेएस चौहान ने इसकी पुष्टि की है।
बड़े बाड़े में अभी भी 10 चीते रह रहे हैं, जिन्हें जल्द ही क्रमबद्ध तरीके से खुले जंगल में छोड़े जाने की तैयारी हैं। पार्क प्रबंधन अब पहले से ज्यादा मुस्तैद है, क्योकि तीन चीतों और तीन शावक अलग-अलग वजहों से दम तोड़ चुके हैं। माना जा रहा है कि आने वाले एक सप्ताह में चीतों को लेकर कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
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