Kuno: चीता शावक और मां ज्वाला के बीच जाली की दीवार, ताकि मां का मातृत्व जागे
Kuno National Park: भारत की धरती पर 70 साल जन्में व एकमात्र जीवित बजे मादा चीता ज्वाला के शावक को उसकी मां से ही जान का खतरा है। करीब 25 दिन से अलग होने के कारण उसे सीधे तौर पर ज्वाला के पास नहीं छोड़ा जा सकता। दक्षिण अफ्रीकी एक्सपर्ट ने ज्वाला में शावक के लिए मातृत्व प्रेम जगाने के लिए बाड़े के अंदर एक छोटा बाड़ा बनाकर ज्वाला और शावक के बीच जाली की दीवार खड़ी कर दी है। ताकि ज्वाला शावक की गंध महसूस कर सकें और उसके पास आए और उसका प्रेम जागे। हालांकि अभी तक कोई पॉजिटिक संकेत उन्हें नहीं मिले हैं।

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कूनो नेशनल पार्क में चीता ज्वाला और शावक को मां ज्वाला से मिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों के बीच कई दिन की दूरी होने के कारण एक्सपर्ट्स को डर है कि कहीं ऐसा न हो कि शावक को मां चीता स्वीकार न करे और हमला कर दे। ऐसे में अब मां-बच्चे के बीच प्रेम बढ़ाने की कवायद की जा रही है। इसके लिए शावक और मां को अलग-अलग बाड़ों में बंद किया गया है। दोनों बाड़ों के बीच जाली लगाई गई है। इस जाली के माध्यम से दोनों एक-दूसरे को देखेंगे और पास-पास रहेंगे। शावक जिस बाड़े में है वह 75 वर्गमीटरका है तो ज्वाला को जिस क्वारेंटीन बाड़े में रखा गया है वह 1250 वर्गमीटर का है।
दक्षिण अफ्रीकी एक्सपर्ट हर हरकत व व्यवहार पर नजर रख रहे हैं
चीता शावक को बाड़े में छोड़कर दक्षिण अफ्रीकी एक्सपर्ट व कूनो प्रबंधन के अधिकारी मां ज्वाला की हर हरकत व व्यवहार पर नजर रख रहे हैं। जब तक उन्हें मादा चीता ज्वाला में शावक के प्रति समारात्मक संकेत नहीं मिलते तब तक शावक को उसके पास फ्री छोड़ने की रिस्क नहीं उठा सकते।
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नामीबियाई और साउथ अफ्रीकी एक्सपर्ट की सलाह से प्रयोग कर रहे
कूलो नेशनल पार्क के खुले जंगल में दौड़ रहे 8 चीतों और बाड़ों में बंद चीतों को देखने और जरूरी जानकारी देने के लिए नामीबियाई एक्सपर्ट वार्थलेमी बाट और दक्षिण अफ्रीकी एक्सपर्ट एंड्रयू विंसेंट आए हुए हैं। वेटरनरी डॉक्टरों ने विदेशी एक्सपर्ट की सलाह से ही शाक्क और मां ज्वाला को अलग-अलग बाड़ों में बंद करने का प्रयोग शुरू किया है।












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