कृषि मंत्री कमल पटेल की सीट हरदा में घमासान तेज, भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी दोगने भाजपा पर हमलावर
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कृषि मंत्री कमल पटेल की सीट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। दरअसल, इस सीट पर कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। कमल पटेल हरदा के बाजार में व्यापारियों से संपर्क के दौरान हाथ में कमल का फूल लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं साथ ही लोगों से मिलने के बीच में सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताते हैं। वही उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी डॉ आरके दोगने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पटेल को घेरते हुए प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
शिवराज सरकार में कृषि मंत्री और भाजपा से आठवीं बार टिकट मिलने के बाद चुनावी मैदान में उतरे कमल पटेल हरदा जिले में काफी लोकप्रिय है। पटेल के सामने लगातार तीसरी बार कांग्रेस से मैदान में उतरे डॉ आरके दोगने के प्रचार का तरीका भी अलग है। उनके प्रचार में ज्यादा चमक-धमक तो दिखाई नहीं देती, लेकिन वह पटेल पर हमला बोलने के साथ ही प्रदेश सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को गिनाने से भी नहीं चूकते है।

साल 2013 में पहली बार दोगने से हारे थे कमल पटेल
बता दे कि कांग्रेस प्रत्याशी आरके दोगने ने साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता कमल पटेल को चुनाव हार दिया था। इसमें उस समय के कांग्रेस जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पंवार की विशेष भूमिका रही। इसके बाद साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कमल पटेल ने वापसी की और दोगने को करीब 6000 वोटो से चुनाव हरा दिया। राजनीतिक जानकारों की माने तो कमल पटेल की जीत के पीछे की वजह कांग्रेस की आपसी गुटबाजी रही। इसलिए कांग्रेस ने एक बार फिर से दोगने को उम्मीदवार बनाया है।

कमल पटेल के सामने फिर से जीतने की चुनौती
पिछला चुनाव 6000 वोटो से जीतने वाले कृषि मंत्री कमल पटेल के सामने इस बार कई चुनौतियां सामने हैं। एक चुनौती तो कांग्रेसियों का एक हो जाना है। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र जैन का चुनाव के समय कांग्रेस में चला जाना भी कमल पटेल को नुकसान होता हुआ दिखा रहा है। क्योंकि जैन खुद एक व्यापारी और व्यापारी वर्ग में उनकी पकड़ अच्छी मानी जाती है वहीं उन्हें बूथ मैनेजमेंट का अच्छा खासा अनुभव है। हालांकि कृषि मंत्री कमल पटेल का क्षेत्र में प्रभाव अभी भी नजर आता है।

फूल लेकर घूमने का अंदाज
2018 के विधानसभा चुनाव में कमल पटेल ने दोगने ने को 6600 मतों से हराया दिया था। जीत का काम अंतर दोगने से कड़ी चुनौती दिख रहा है। ऐसे में कमल पटेल इस बार महीना पहले से ही चुनावी मोड में आ गए थे वह ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 6 महीने से प्रचार प्रसार कर रहे हैं। पिछले दो दिनों से कमल पटेल शहरी क्षेत्र में अभियान में जुटे रहे, यहां पर पीएम आवास योजना, लाडली बहना योजना और हरदा जिले को 100% सिंचित करने की बात कहकर भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं दिवाली के दिन कमल का हाथ में फूल लेकर घूमने का अंदाज लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता नजर आया।












Click it and Unblock the Notifications