पुलिस थाने में गंगाजल से न्याय : सिर पर गंगा के पानी से भरा लोटा रखकर राम मंदिर पहुंचे दोनों पक्ष
सागर, 14 दिसम्बर। इन दिनों मध्य प्रदेश के सागर में अजीब हाल है। जो काम पुलिस नहीं कर पा रही वो काम जानवर और पानी कर दे रहा है। एक मामला ये था कि भैंस लापता होने के बाद खुद भैंस ने ही पहेली सुलझाई कि उसका असली मालिक कौन हैं और अब एक अन्य केस में गंगाजल से फैसला लिया।
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एक दूसरे के खिलाफ मारपीट की शिकायत
गंगाजल वाला मामला सागर जिले बंडा पुलिस थाना इलाके का है। यहां पर दो पक्ष एक दूसरे के खिलाफ मारपीट की शिकायत लेकर पहुंचे थे। गांव बूड़ाखेड़ा निवासी पुष्पेंद्र सिंह लोधी का आरोप था कि सरपंच के पति आमोल सिंह ने मारपीट की है। वहीं सरपंच पति अमोल सिंह ने भी पुष्पेंद्र सिंह पर बार-बार झूठी शिकायतें करने का आरोप लगाया था।

दोनों पक्ष बंडा पुलिस थाने पहुंचे
इसी मामले को लेकर रविवार को दोनों पक्ष बंडा पुलिस थाने पहुंचे थे। जहां पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की बात कही। पुलिस की बात सुन कार्रवाई के डर से दोनों पक्ष थाना परिसर में बने राम मंदिर में पहुंचे। जहां पुजारी की उपस्थिति में दोनों पक्षों ने बारी-बारी से लोटे में गंगाजल लेकर सिर पर रखा और अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद दोनों के बीच सुलह हो गई।

बार-बार आरोप लगाकर शिकायतें करता रहता है
सरपंच पति अमोल सिंह ने बताया कि पुष्पेंद्र बार-बार आरोप लगाकर शिकायतें करता रहता है। वो कहता है कि मुझे उसने 10 हजार रुपए दिए है। लेकिन मुझे 10 पैसे नहीं दिए। उसने मुझे गाली दी थी तो मैंने एक थप्पड़ मार दिया था। शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि अमोल ने उसके पिता का प्रधानमंत्री आवास योजना की सूचि से नाम कटवा दिया था। वहीं मेरे साथ मारपीट की है। हालांकि मामले में दोनों पक्षों के गलती स्वीकारने के बाद आपसी समझौता हो गया।

न्यायालय परिसर के सामने दोनों के बीच विवाद हुआ
मीडिया से बातचीत में बंडा थाना प्रभारी मानस द्विवेदी ने बताया कि बूढ़ाखेड़ा के एक ही परिवार के दो सदस्यों में आपसी विवाद था। शनिवार को न्यायालय परिसर के सामने दोनों के बीच विवाद हुआ था।

मंदिर में जाकर राजीनामा कर लिया
मामले में दोनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। आज दोनों को थाने बुलाया था। थाने में आकर दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मंदिर में जाकर राजीनामा कर लिया है।












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