अपराधियों से वसूली करना, भाजपा नेताओं को हफ्ता जाना, वसूली की नई संस्कृति से पुलिस भी तनाव में है: जीतू पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जबलपुर में दबंगों द्वारा की गई चार हत्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की और मृतकों के परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें शोक संवेदना दी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी मृतकों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। इस मौके पर राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, तरुण भानोट, सौरभ नाटी शर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेता भी उपस्थित थे।

केंद्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया
जीतू पटवारी ने केंद्र द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश आज गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी के चिंताजनक दौर से गुजर रहा है, लेकिन भाजपा सरकार देश को "लूटने और बेचने" में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने हर बार देश को निराश किया है और इस बजट में भी किसानों की समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया गया है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी
पटवारी ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लचर कानून-व्यवस्था और लाचार गृहमंत्री के कारण जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और एक परिवार को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। यह घटनाएं प्रदेश की गहरी सुरक्षा और प्रशासनिक कमजोरी को उजागर करती हैं।

मुख्यमंत्री को हिदायत
पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सीधे तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार को जनता के आंसुओं का हिसाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण में अवैध धंधे चल रहे हैं और अपराधी खुलेआम संरक्षण पा रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हत्यारों को पनाह देने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी और मृतकों के परिवारों को न्याय कब मिलेगा। उन्होंने मृतकों के परिवारों को तत्काल दो-दो करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की।
माफिया राज का आरोप:
पटवारी ने मप्र सरकार पर माफिया राज का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। उन्होंने भिंड में कलेक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना का उदाहरण दिया, जिसमें माफिया ने ट्रैक्टर चलाकर सरकार के सामने खुली गुंडागर्दी की। उनका आरोप था कि पुलिस, अपराधियों को बचाने में लगी हुई है और सरकार माफियाओं को संरक्षण दे रही है।
पुलिस के संसाधनों की कमी
पटवारी ने प्रदेश पुलिस की संसाधन की कमी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की संख्या जनसंख्या के हिसाब से आधी है, और पुलिस के पास आवश्यक संसाधन जैसे वाहन और ट्रेनिंग की भी कमी है। वे आरोप लगा रहे थे कि पुलिस के कर्मचारी अत्यधिक तनाव में काम कर रहे हैं, और इसके परिणामस्वरूप अपराध बढ़ रहे हैं।
वसूली की नई संस्कृति
पटवारी ने प्रदेश में एक नई वसूली संस्कृति का भी उल्लेख किया, जिसमें पुलिस को अपराधियों से वसूली करने और भाजपा नेताओं को "हफ्ता" देने का दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने इसे "माफिया राज" की संज्ञा दी और इस स्थिति को प्रदेश में अराजकता फैलाने वाला बताया।
इन बयानों से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी आने वाले समय में सरकार को कानून-व्यवस्था, पुलिस सुधार और माफिया से संबंधित मुद्दों पर घेरने की योजना बना रही है।












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