MP News: पत्नी चाहती है संतान सुख, जेल में बंद पति की रिहाई के लिए महिला ने हाईकोर्ट में लगाई अर्जी
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में एक अजीबो गरीब याचिका दायर की गई है। मां बनने के लिए महिला ने कोर्ट से अपने पति को रिहा करने क मांग की है। इसके लिए कोर्ट ने 5 डॉक्टरों की टीम गठित करने का आदेश दिया है जो ये पता लगाएगी कि महिला गर्भधारण कर सकती है या नहीं, वो मेडिकल रूप से फिट है या नहीं।
जेल में बंद पति को छोड़ने के लिए महिला ने राजस्थान हाई कोर्ट के एक निर्देश को संलग्न किया है। जिसमे दावा किया है कि बच्चा पैदा करना और वंश चलना मौलिक अधिकार है। सोमवार को लंच के बाद जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।

शासन की ओर से पेश हुए एडवोकेट से महिला की मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई। फाइल में रिपोर्ट नहीं थी। इस पर जस्टिस विवेक अग्रवाल ने एक हफ्ते बाद मेडिकल रिपोर्ट के साथ पेश होने के आदेश दिए हैं।
जबलपुर हाईकोर्ट में बच्चा पैदा करने के लिए पति की रिहाई के लिए लगाई गई याचिका पर सुनवाई टल गई। महिला खंडवा की रहने वाली है और महिला ने पति की पैरोल या जमानत पर छोड़ने के लिये नवम्बर में याचिका लगाई थी। हाई कोर्ट के न्यायधीश विवेक अग्रवाल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय के डीन को 5 डॉक्टरों की टीम गठित करने के निर्देश दिए थे। कहा था कि मेडिकल टीम ये पता लगाए कि महिला गर्भधारण करने के लिए फिट है या नहीं। ओर सुनवाई की तारीख 18 दिसंबर सोमवार के दिन तय की थी।
खंडवा की रहने वाली महिला ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि एक आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने पर पति को कारावास की सजा मिली है। मौजूदा टाइम में पति इंदौर जेल में बंद है। उसने इच्छा जाहिर की थी कि वह संतान सुख पाना चाहती है। जिसके लिए पति को एक महीने के लिए अस्थायी जमानत किया पेरोल दी जाए।












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