MP News: ग्वालियर में 350 एकड़ में बनेगा देश का नया टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब, 6जी तकनीक पर भी होगा रिसर्च
मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आने वाले समय में ग्वालियर शहर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने यहां 350 एकड़ जमीन पर "टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ)" स्थापित करने की घोषणा की है। इस जोन में मोबाइल सिम कार्ड, डिवाइसेस, वाई-फाई उपकरण, ऑप्टिकल्स, एंटीना, चिप्स और तमाम मोबाइल एसेसरीज का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल मंत्रालय में TMZ परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के लिए एक "गेमचेंजर प्रोजेक्ट" करार देते हुए कहा कि इससे टेलीकॉम क्षेत्र में राज्य की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

राज्य के दो प्रमुख केंद्र, ग्वालियर और जबलपुर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेलीकॉम क्षेत्र के विकास की असीम संभावनाएं हैं, खासतौर पर ग्वालियर और जबलपुर जैसे तकनीकी रूप से समृद्ध शहरों में। ग्वालियर में पहले से मौजूद शैक्षणिक और तकनीकी आधारभूत ढांचे का लाभ उठाते हुए यह परियोजना आगे बढ़ेगी।
TMZ में बनेगी मोबाइल और टेलीकॉम इंडस्ट्री की पूरी रेंज अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्वालियर के प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निम्नलिखित उत्पादों का निर्माण किया जाएगा:
- मोबाइल सिम कार्ड और संबंधित कम्पोनेंट्स
- वायरलेस राउटर, वाई-फाई डिवाइसेस
- ऑप्टिकल फाइबर सिस्टम्स
- मोबाइल डिवाइसेस व एसेसरीज
- टेलीकॉम चिप्स और एंटीना
- यहां "मेक इन इंडिया" को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स भी स्थापित होंगी, जिससे विदेशी मुद्रा कमाने में भी मदद मिलेगी।
MP News: 6G तकनीक पर होगा अनुसंधान और नवाचार
मुख्यमंत्री ने इस दौरान 6G तकनीक पर भी जोर दिया और कहा कि आने वाले समय में उच्चतम कनेक्टिविटी के लिए 6G का विकास अनिवार्य है। इसके लिए TMZ में एक समर्पित रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) विंग बनाया जाएगा। इससे न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश को भविष्य की तकनीकों में अग्रणी बनाने की दिशा में भी यह एक अहम कदम होगा।
MP News: बड़ी कंपनियां दिखा रहीं रुचि, निवेशकों से सकारात्मक संकेत
बैठक में डिक्सन, वॉयकॉन, निक्सन, एरिक्सन और IBM जैसी दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कंपनियों ने TMZ प्रोजेक्ट को लेकर सकारात्मक रूझान दिखाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं और अनुकूल माहौल प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने कहा-
"कम जमीन में अधिक निर्माण इकाइयां स्थापित कर लागत कम और प्रबंधन सरल किया जा सकता है। निवेशक इस दिशा में आगे बढ़ें।"
निवेशकों ने भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही अपने निर्णय लेकर राज्य सरकार को अवगत कराएंगे।
IT कॉन्क्लेव में होंगे समझौते: 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजन डॉ यादव ने बताया कि 27 अप्रैल को इंदौर में प्रस्तावित IT कॉन्क्लेव में इच्छुक कंपनियां अपने प्रस्ताव दे सकती हैं। यह आयोजन TMZ सहित राज्य के तकनीकी क्षेत्र में निवेश को गति देने वाला होगा।
सरकार देगी भूमि और आधारभूत संरचना, केंद्र से मिलेगा सहयोग
सरकार ने बताया कि TMZ के लिए बड़े लैंड बैंक की व्यवस्था की जा रही है, ताकि सभी इकाइयों को पर्याप्त जगह और सुविधाएं मिल सकें। अत्याधुनिक चारदीवारी, सड़क, बिजली, जल आपूर्ति, सीवरेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना तैयार की जा रही है।
केंद्र सरकार की मदद से परियोजना को "राष्ट्रीय महत्व की योजना" के रूप में शामिल कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्किलिंग का अवसर
TMZ की स्थापना से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, साथ ही उन्हें टेलीकॉम सेक्टर की विशेष ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के अवसर भी मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतर नौकरियां स्थानीय स्तर पर ही भरी जाएं ताकि पलायन रुके और प्रदेश के युवा तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।
सीएम की दूरदृष्टि, हर कोने में कनेक्टिविटी और समृद्धि
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस योजना से न केवल प्रदेश का औद्योगिक विकास होगा, बल्कि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से दुर्गम क्षेत्रों तक भी डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और शासन-प्रशासन के क्षेत्र में भी नई क्रांति आएगी।












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