IAS जी कृष्णैया मर्डर केस के दोषी गैंगेस्टर आनंद मोहन की रिहाई का विरोध, MP एसोसिएशन खफा
बिहार में गैंगेस्टर से सांसद बने आनंद मोहन की रिहाई का मध्य प्रदेश में भी विरोध शुरू हो गया हैं । आईएएस एसोसिएशन से राज्य सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की हैं।

IAS G Krishnaiah killing: बिहार में आईएएस अधिकारी जी कृष्णैया के मर्डर केस के दोषी रहे गैंगेस्टर आनंद मोहन की रिहाई से IAS लॉबी खफा हैं। मध्य प्रदेश भारतीय प्रशासनिक सेवा ने भी इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई हैं। आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर जिले में कृष्णैया को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था।
1994 में हुई इस घटना में 27 अभियुक्त बनाए गए थे। जिसमें सांसद रह चुके गैंगेस्टर मोहन आनंद भी दोषी करार दिए गए थे। निचली अदालत ने मोहन को मौत की सजा सुनाई थी फिर अपील पर पटना हाईकोर्ट ने यह सजा आजीवन कारावास में बदल थी।

हाल ही में नीतीश कुमार सरकार ने जेल नियमावली में संसोधन भी कर दिया। जिसमें ऑन द्युति सरकारी कर्मचारी की हत्या वाली धारा हटा दी। इसी धारा के तहत आनंद मोहन दोषी करार दिए गए थे और नियमों संसोधन के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ़ हुआ।
इस मामले को लेकर देश भर में आईएएस संगठन विरोध जता रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी आईएएस एसोसिएशन इस फैसले से खफा है और कड़ी आपत्ति जताई हैं। एसोसिएशन सेकेट्री विवेक पोरवाल का कहना है कि राज्य सरकार को इस मामले में पुनर्विचार करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो 'हर लोक सेवक के मनोबल और धैर्य पर' प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
बिहार में विपक्ष भी इस मुद्दे पर नीतीश सरकार को लगातार घेर रहा हैं। बीजेपी आरोप लगा रही हैं कि राजद के समर्थन से सत्ता में बने रहने के लिए कानून से खिलवाड़ किया जा रहा है। मृतक ऑफिसर कृष्णैया की फैमिली ने भी इस मामले में राष्ट्रपति और पीएम से दखल देने की मांग की।
रिहाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार सरकार को घेरा। अपने बयान में ओवैसी ने कहा कि IAS अधिकारी जी. कृष्णैया की यह दुसरी हत्या हुई। कृष्णैया दलित वर्ग से ताल्लुक रखते थे। जबकि आनंद मोहन राजपूत समाज से आते है।












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