MP News: नर्मदापुरम में किसानों का हंगामा: राकेश टिकैत की अगुवाई में ट्रैक्टर रैली और सभा का आयोजन
नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन एक बड़ी ट्रैक्टर रैली निकालने जा रही है, जिसमें किसान नेता राकेश टिकैत प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे। इस रैली के माध्यम से सोयाबीन, धान और गेहूं के समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की जाएगी।
हालांकि, इस आयोजन को लेकर किसान यूनियन और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने रैली के लिए 500 ट्रैक्टरों की अनुमति तो दी है, लेकिन अनाज मंडी परिसर में सभा की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन का सुझाव है कि सभा मंडी ब्रिज के पास डायवर्सन रोड पर आयोजित की जाए, लेकिन टिकैत इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हैं।

राकेश टिकैत ने प्रशासन के खिलाफ तीखे बयान दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा, "अनुमति देने वाला प्रशासन कौन होता है? आयोजन मंडी में ही होगा। हम बैरिकेडिंग तोड़ेंगे। प्रशासन किसानों की आवाज को दबाने में लगा है।" इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मंडी परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और मंडी के गेट पर ताला लगाकर बैरिकेडिंग कर दी है।
टिकैत ने आगे कहा, "यह अत्याचार है। क्या सिवनी मालवा मंडी परिसर अब पंचायत करने का अधिकार नहीं दे रहा? क्या मध्य प्रदेश के किसानों को आवाज उठाने का अधिकार नहीं है? यदि मंडी के अंदर मीटिंग नहीं होती है, तो प्रदेश में कहीं मीटिंग नहीं करने देंगे।"
किसानों की इस गतिविधि ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है, और देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और किसानों के बीच इस टकराव का क्या नतीजा निकलता है।
सिवनी मालवा में किसानों का आंदोलन: अनाज मंडी के गेट पर बैरिकेडिंग और ताले
नर्मदापुरम के सिवनी मालवा में प्रशासन ने किसान यूनियन की सभा को रोकने के लिए अनाज मंडी के तीनों गेट पर ताले लगाकर बैरिकेडिंग कर दी है। प्रशासन ने यह कदम देर रात उठाया, जिससे मंडी में सभा न हो सके। सिवनी मालवा की एसडीएम सरोज परिहार ने स्पष्ट किया कि मंडी में सभा की अनुमति नहीं दी गई है और संगठन के पदाधिकारियों के साथ सहमति बनाकर मंडी के बाहर सभा करने की अनुमति दी गई है।
किसान यूनियन के नेता, प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने बताया कि तिरंगा ट्रैक्टर रैली गांधी चौक, जय स्तम्भ चौक, बस स्टैंड और थाने के सामने से होते हुए ओवर ब्रिज के रास्ते अनाज मंडी जाएगी। उन्होंने कहा, "हमें अभी तक मंडी में सभा की अनुमति नहीं मिली है। हम मंडी गेट तक जाएंगे और यदि जरूरत पड़ी तो बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर जाएंगे।"
यह स्थिति किसानों के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गई है, और प्रशासन के इस कदम ने किसानों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। देखने वाली बात होगी कि यह टकराव आगे किस दिशा में बढ़ता है।












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