Fact Check: क्या मध्य प्रदेश में शिवराज को BJP ने फिर बनाया CM, पहलाद पटेल व रीति पाठक डिप्टी CM?
Madhya Pradesh Next CM: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आए पांच दिन का समय बीत चुका है। लेकिन अब तक भारतीय जनता पार्टी सीएम का चेहरा घोषित नहीं कर पाई। यही कारण है कि अब अटकलों का बाजार तेजी से गर्म हो रहा है।
नेताओं के समर्थक अपने अपने नेताओं के नाम और उनकी फोटो के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच एक वायरल लेटर ने मध्य प्रदेश में चर्चांओं के बाजार को और गर्म कर दिया। इस लेटर अनुसार मध्य प्रदेश का नया सीएम शिवराज सिंह चौहान को बनाया गया है। आपको बता दें वायरल हो रहे इस पत्र की हकीकत कुछ और ही है।

प्रचंड बहुमत प्राप्त करने के बाद भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में अपना मुख्यमंत्री फेस चुनने में लगी हुई है। भाजपा के कई बड़े दिग्गज मुख्यमंत्री बनने की रेस में हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर तरह-तरह के दावे भी किए जा रहे हैं।
इस बीच पार्टी के महासचिव अरुण सिंह के सिग्नेचर वाला एक दावा सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है। इसमें बताया गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही प्रहलाद सिंह पटेल और सीधी विधानसभा से निर्वाचित सदस्य रीति पाठक को डिप्टी बनाए जाने का ऐलान कर दी है।
वायरल हो रहे लेटर को भाजपा ने फर्जी बताया है। पार्टी ने कहा कि अभी मध्य प्रदेश में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के लिए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जो विधायक दल की बैठक करेंगे। जिसके बाद ही मध्य प्रदेश के नए सीएम को लेकर बना ससपेंस खत्म हो पाएगा।
भाजपा के सीएम पद की रेस में कैलाश विजयवर्गीय, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा भी कई और दावेदार है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के लिए इस बार मुख्यमंत्री चेहरे का चुनाव करना बहुत मुश्किल भरा काम होगा। क्योंकि इस बार का चुनाव बिना किसी सीएम फेस के लड़ा गया था। अब पार्टी किसी ऐसे चेहरे का मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव करना चाहेगी जिसके बाद पार्टी में अंदरुनी बगावत ना हो और उसके नाम पर अधिकतर नेता सहमत हों।












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