Damoh: चूल्हा जलाने में मां की लापरवाही ने बुझा दिए घर के दो चिराग, दो मासूम जिंदा जले
चूल्हा जलाने के बाद जरा सी लापरवाही एक मां के लिए जीवनभर का गम और दर्द दे गया। खेत में बनी झोपड़ी में चूल्हे की आग से झोपड़ी जल गई, तो उसमें सो रही तीन साल की मासूम और उसी झोपड़ी में तीन महीने पहले जन्मा मासूम जल गया।

नरसिंहगढ़ के झिरा-झिरी गांव में बीते रोज सुबह 11 बजे एक खेत में बनी झोपड़ी में आग लगने से उसमें सो रहे दो मासूमों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा मां की चूल्हा जलाने के बाद शौच जाने की लापरवाही के कारण सामने आया है। बता दें कि तीन महीने का नवजात बच्चा इसी झोपड़ी में जन्मा था। इस हृदय विदारक घटना के बाद इलाके में मातम पसरा है तो मां-पिता के हाल बेहाल हो रहे हैं। मां तो सदमे में है।
सागर जिले के बण्डा निवासी भगवानदास रावत झिरा-झिरी गांव के पूर्व सरपंच बलवंत पटेल के खेत में सिंचाई करने की मजदूरी करता था। वह खेत में ही झोपड़ी बनाकर रह रहा था, उसकी एक बेटी ऋषिका 3 साल की थी। 3 माह पहले उसी झोपड़ी में उसकी पत्नी जानकी ने बेटे को जन्म दिया था। शनिवार सुबह पत्नी जानकी रावत ने खाना पकाने के लिए चूल्हा जलाया और शौच के लिए चली गई। झोपड़ी में तीन माह का बाबू और 3 साल की ऋषिका सो रही थी। इस बीच चूल्हे की आग हवा से झोपड़ी में फैल गई। आग की लपटे उठती देख आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ पड़े। उन्होंने घासपूस से बनी झोपड़ी में भड़की आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। जब तक आग बुझी तब तक जानकी के दोनों मासूम बच्चे जलकर खाक हो चुके थे।

SP ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं
घटना की सूचना के बाद दमोह जिला पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। जहां नरसिंहगढ़ चौकी पुलिस को जांच के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा पुलिस अधिकारियों ने दिया। क्षेत्र में हुई इस दर्दनाक घटना से मातम का माहौल पसरा हुआ है। वहीं इस घटना से बच्चों की मां पर सबसे ज्यादा असर दिख रहा है, जो पश्चताप के आंसू बहाते हुए गहरे सदमें में पहुंच गई है।
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पहले भी इस तरह की घटना सामने आ चुकी है
बता दें कि जिले में बीते 22 नवम्बर 2022 को बटियागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत लुकायन के ग्राम बरक्वाइन में झोपड़ी में सो रही ढाई साल की मासूम बच्ची की मौत का मामला सामने आया था। छतरपुर जिले के बक्सवाहा के गुगवारा गांव निवासी हल्ले लोधी अपने परिवार के साथ बरक्वाइन गांव में एक किसान के खेत पर झोपड़ी बनाकर रहता था और कृषि कार्य करता था। झोपड़ी में किसान की चार साल की बेटी के साथ उसकी दूसरी ढाई साल की बेटी प्रियांशी सो रही थी और माता-पिता पास ही लकड़ियां काट रहे थे। तभी अज्ञात कारणों से अचानक झोपड़ी में आग लग गई और आग से चार साल की बेटी झुलसने लगी तो वह बाहर भागी और माता-पिता को घटना की जानकारी दी। तत्काल माता-पिता मौके पर पहुंचे तब तक पूरी झोपड़ी आग की लपटों में घिर गई और उन्होंने ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। जब तक ग्रामीणों ने पानी डालकर आग को बुझाया, पूरी झोपड़ी आग में जलकर खाक हो गई और अंदर सो रही ढाई साल की बेटी की आग में झुलसने से मौके पर मौत हो गई थी।












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