MP Cyber Tehsil : अब घर बैठे ऑनलाइन होगा नामंतरण, बंटवारा, तहसील जाने की आवश्यकता नहीं
Cyber Tehsil Pilot Project के तहत मप्र के सीहोर एवं दतिया जिले को साइबर तहसील बनाया जा चुका है। यहां पायलेट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब योजना के दूसरे चरण में सागर सहित इंदौर, हरदा और डिंडौरी में साइबर तहसील स्थापित की जा रही है। सोमवार 10 अक्टूबर से सागर साइबर तहसील प्रारंभ हो जाएगी, उसके बाद बाकी तीन जिलों में भी प्रारम्भ हो जाएगी।

मप्र के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि साइबर तहसील लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जिसने इस अभिनव प्रयोग के जरिए लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में आशा के अनुरुप सफलता पाई है। मंत्री राजपूत ने बताया कि द्वितीय पायलेट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद हम इसे पूरे राज्य में लागू करने की योजना बना रहे हैं।
नामांतरण, बंटवारे के लिए तहसील जाने की आवश्यकता नहीं होगी
मंत्री सिंह ने साइबर तहसील के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार की इस अभिनव योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। अविवादित नामांतरण और बटवारे के प्रकरणों को सरलता से निपटाने के लिए साइबर तहसील का गठन किया था। जिस जिले में साइबर तहसील कार्य करेगी, उस जिले के लोगों को अविवादित नामांतरण, बंटवारे के प्रकरणों के लिए तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। ऑनलाइन आवेदन करके ऐसे अविवादित नामांतरण, बंटवारे के प्रकरणों का निराकरण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए बहुत बड़ा कदम है।
अन्य राज्य साइबर तहसील योजना का अध्ययन करने मप्र आ रहे
मंत्री गोविंद राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश के सायबर तहसील की परिकल्पना इतनी बेहतर है कि अन्य राज्यों के राजस्व महकमें का दल इसकी संरचना और कार्यप्रणाली के अध्यन के लिए एमपी में आ रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में देश के दूसरे राज्य भी राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश की सायबर तहसील के कान्सेप्ट को लागू करेंगे। श्री राजपूत ने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के सेकेंड फेज की सफलता का आंकलन करने के लिए हम 6 महीने तक इसके परिणाम का अध्यन करेंगे, और फिर पूरे प्रदेश में लागू करेंगे।












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