Sagar News: सागर में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान पर मचा बवाल, जानिए थानेदार पर क्या कहा
Sagar news: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान ने प्रदेश सहित पूरे देश में सुर्खियां बटोरना शुरू कर दिया है। दरअसल, फूल सिंह बरैया ने सागर में आयोजित जनसभा के दौरान थानेदार को लेकर सख्त टिप्पणी कर दी।
इसके बाद उनका यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। फूल सिंह बरैया के बयान ने एक सवाल यह भी खड़ा कर दिया कि अगर भविष्य में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या फूल सिंह बरैया के बयान के अनुसार कानून व्यवस्था चलाई जाएगी? चलिए अब आपको बताते हैं कि फूल सिंह बरैया ने आखिर क्या बयान दिया।

सागर में सोमवार को आयोजित कांग्रेस की सभा में भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कानून व्यवस्था और मतदान को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने सभा में कहा, "अपराध होने पर व्यक्ति थाने जाता है, लेकिन वहां गालियां मिलती हैं। यदि 2.48 करोड़ वोट में से 2 करोड़ वोट भी डाले होते, तो थानेदार की इसी सभा में चमड़ी काटकर भूसा भर दिया जाता।"
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कांग्रेस ने इस अवसर पर दलित अत्याचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था, और सागर नगर निगम में स्मार्ट सिटी योजना के तहत 900 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को खदेड़ दिया।

सभा में विधायक बरैया ने कलेक्टर और एसपी को भी निशाने पर लेते हुए कहा, "कलेक्टर और एसपी को यह तक नहीं पता कि मामला क्या है। वे आए और चले गए। अगर आपने वोट डाल दिए होते, तो आपकी सरकार होती। जिन लोगों ने आप पर अत्याचार किया, उन्हें आपके ही गांव में उल्टा लटका दिया जाता। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मेरा नाम फूल सिंह बरैया बदल देना।"

सागर में दलित हत्याकांड को लेकर जीतू पटवारी ने भी सरकार को घेरा
सागर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दलित हत्याकांड को लेकर कड़ा बयान दिया और कहा, "मध्यप्रदेश में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई। मां को निर्वस्त्र कर घुमाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर अत्याचार किया जा रहा है। यहां नेता बदलापुर के बने हुए हैं।"
पटवारी ने पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और मंत्री गोविंद सिंह को चेतावनी देते हुए कहा, "बदलापुर सरकार के कप्तान हैं पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और मंत्री गोविंद सिंह। मैं उन्हें चेताना चाहता हूं कि अपनी सोच में परिवर्तन लाएं। यदि कांग्रेस के किसी भी कार्यकर्ता को यातना दी गई, तो हम उसी नेता के घर का घेराव करेंगे, जिसके इशारे पर ऐसा होगा। जिन अधिकारियों, चाहे वे कलेक्टर हों या एसपी, इस तरह की हरकतों में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कोर्ट से कार्रवाई कराएंगे।"
सभा के बाद कांग्रेस नेता कलेक्टर ऑफिस का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। कालीचरण चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोका। लगभग 20 मिनट तक चले प्रदर्शन के बाद एडीएम और अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर पीसीसी चीफ पटवारी से बातचीत की। पटवारी ने अपनी मांगें प्रस्तुत कीं और आश्वासन मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।












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