सिवनी गोवंश हत्याकांड में बड़ा फैसला, CM ने बनाई उच्च स्तरीय जांच कमेटी, विश्व हिंदू परिषद ने किया था प्रदर्शन
MP cow slaughter News: मध्य प्रदेश सरकार ने गोवंश की नृशंस हत्या के प्रकरण में सख्त रूप से कार्रवाई करते हुए जिले में उच्च स्तरीय जांच की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया हेंडल और फेसबुक पेज पर एक कड़ा संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से बताया है कि मध्य प्रदेश में गौमाता के खिलाफ किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने इस पोस्ट में यह भी कहा है कि सिवनी में हुए नृशंस गोवंश हत्याकांड की जांच की जिम्मेदारी एडिशनल डीजी (सीआईडी) पवन श्रीवास्तव और उनकी टीम को सौंपी गई है। जांच के लिए एडिशनल डीजी और जांच दल सिवनी पहुंच गए हैं।

बता दे एक दिन पहले सिवनी गोविंद हत्याकांड को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता और नरसिंहपुर से विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राव बहादुर सिंह ने अन्य हिंदूवादी संगठनों के मिलकर जमकर प्रदर्शन किया था। गोवंश हत्या के विरोध में रैली भी निकल गई थी इसके बाद सरकार अब इसे लेकर सख्त नजर आ रही है।
इधर, जिला पुलिस ने शनिवार को जिले के लखनादौन न्यायालय में प्रकरण में गिरफ्तार चार आरोपितों को पेश किया है। उन्हें पुलिस रिमांड के लिए मांगा गया है। इन आरोपितों को लखनादौन पुलिस बल की मौजूदगी में बस स्टैंड लखनादौन से पैदल मार्च के माध्यम से लखनादौन न्यायालय तक लाया गया है।
कलेक्टर और जिला दण्डाधिकारी क्षितिज सिंघल ने प्रकरण में शामिल दो आरोपितों, शादाब पुत्र इसराइल खान (27) और वाहिद पुत्र वाजिद खान (28), जो ग्राम गवारी चौकी पलारी थाना केवलारी के निवासी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

दूसरे दो आरोपित, संतोष कवरेती गरघटिया (45) और रामदास उइके पुत्रा, जो थाना धूमा सिवनी के निवासी हैं, उन्हें समुदायों के बीच तनाव फैलाने के आरोप में धारा 153 ए के अलावा मध्य प्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 और पशुओं के प्रतिक्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत गिरफ्तार किया गया है। लखनादौन एसडीओपी अपूर्व भलावी ने बताया कि ये चार आरोपित अब लखनादौन न्यायालय में पेश किए जाएंगे।
हैदराबाद और नागपुर से फंडिंग
बता दे गोवंश तस्करों के मामले में मध्य प्रदेश में हैदराबाद और नागपुर से फंडिंग हो रही है, यह पुलिस की पूछताछ में सामने आया है। सिवनी में पकड़े गए गोवंश तस्करों ने इसे पुलिस को बताया। पिछले दो दिनों में सिवनी में 54 गोवंश के शव मिलने के बाद, पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को हिरासत में लिया है।
जांच में पता चला कि इन आरोपियों के नागपुर के तीन तस्करों से संपर्क था, जिन्होंने गोवंश को पशु बाजार से खरीदा था। उन्होंने यह भी बताया कि इन पशुओं को नागपुर ले जाने के बाद हैदराबाद में बेचने का था इरादा। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में शामिल साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का दावा किया है।












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