MP News: मुख्यमंत्री नि:शक्त विवाह योजना को लेकर बड़ी खुशखबरी, अब कलेक्टर दे सकेंगे 2 लाख रुपए से अधिक राशि

Bhopal News: मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री निशक्त विवाह योजना के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत अब कलेक्टरों को 2 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत करने का अधिकार मिल गया है। इस कदम से योजना के लाभार्थियों को अधिक सहायता मिल सकेगी और प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाएगा।

अब तक मुख्यमंत्री निशक्त विवाह योजना के तहत कलेक्टरों को केवल 2 लाख रुपये तक के प्रकरणों में राशि स्वीकृत करने का अधिकार था। लेकिन अब सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन सशक्तिकरण आयोग के अध्यक्ष डॉ राम राव भोसले ने यह अधिकार बढ़ाकर कलेक्टरों को 2 लाख रुपये से अधिक राशि स्वीकृत करने का आदेश दिया है।

CM Disabled Marriage Scheme Good news now collectors will be able to give Rs 2 lakh

इस फैसले के बाद, कलेक्टरों को आश्रित निधि की मूलधन और ब्याज की राशि से इस योजना के प्रकरणों में प्रोत्साहन राशि स्वीकृत करने का पूर्ण वित्तीय अधिकार प्रदान किया गया है। इसके माध्यम से कलेक्टर अब ई-पेमेंट और प्रबंधन प्रणाली के जरिए इस राशि का खर्चा कर सकेंगे।

यह बदलाव प्रदेश के उन दिव्यांगजनों और निर्धन व्यक्तियों के लिए एक बड़ी राहत है, जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण विवाह में रुकावट महसूस कर रहे थे। इस योजना के अंतर्गत अब उन्हें अधिक सहायता मिलेगी, जिससे उनका विवाह संपन्न करने में मदद मिलेगी और सामाजिक सुरक्षा बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री निशक्त विवाह योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री निशक्त विवाह योजना का उद्देश्य दिव्यांगजन एवं अन्य कमजोर वर्ग के लोगों को विवाह के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करना है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दिव्यांगों को विवाह के लिए सहायता दी जाती है, ताकि वे अपने जीवन साथी के साथ एक खुशहाल और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

इस कदम से मुख्यमंत्री निशक्त विवाह योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा और राज्यभर में इसके लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी। अब कलेक्टर को दी गई नई शक्तियों से यह योजना और भी अधिक सफल हो सकेगी, क्योंकि यह वित्तीय अधिकार लोगों तक शीघ्र और प्रभावी सहायता पहुंचाने में मदद करेगा।

मध्यप्रदेश सरकार का यह निर्णय समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग के लिए एक सकारात्मक बदलाव है, जो समाज में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है।

क्या है मुख्यमंत्री नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना

मुख्यमंत्री नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ 12 अगस्त 2008 को सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त जनकल्याण विभाग के आदेश क्रमांक एफ-3-42/2008/26-2 से हुआ था। यह योजना विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए शुरू की गई है, जो शारीरिक या मानसिक रूप से 40% या उससे अधिक दिव्यांग हैं, और उनका विवाह करना समाजिक पुनर्वास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।

इस योजना के अंतर्गत निःशक्त व्यक्तियों को विवाह के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है ताकि उनका सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित हो सके। यह योजना निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के तहत बनाई गई है, जिसका उद्देश्य निःशक्त व्यक्तियों के सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

मुख्य उद्देश्य निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना का यह है कि निःशक्त व्यक्तियों को विवाह के लिए प्रोत्साहित किया जाए और उनके सामाजिक पुनर्वास में मदद की जाए। इस योजना के माध्यम से, समाज में दिव्यांगजनों को समानता और सामाजिक समावेशिता के अवसर मिलते हैं।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:

निःशक्तता: आवेदक/आवेदिका को 40% या उससे अधिक शारीरिक/मानसिक निःशक्तता होनी चाहिए, जो कि निःशक्त व्यक्ति अधिनियम, 1995 के तहत निर्धारित हो।
मध्यप्रदेश का निवासी: आवेदक को मध्यप्रदेश का निवासी होना चाहिए।
न्यूनतम आयु: आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और आवेदिका की 18 वर्ष होनी चाहिए।
विवाह: विवाह धार्मिक रीति, सामाजिक रीति या सक्षम न्यायालय द्वारा कानूनी रूप से किया गया होना चाहिए।
आयकरदाता न होना: आवेदक/आवेदिका आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
लाभ

इस योजना के तहत निम्नलिखित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है

युवक के निःशक्त होने पर सामान्य युवती से विवाह या युवती के निःशक्त होने पर सामान्य युवक से विवाह होने पर: ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि।
यदि युवक और युवती दोनों निःशक्त हों: संयुक्त रूप से दंपत्ति को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) सहायता राशि दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में किया जा सकता है। आवेदक को ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जो कि संयुक्त संचालक/उप संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण के कार्यालय में किया जाएगा या फिर जनपद पंचायत और नगरीय निकायों में भी जमा किया जा सकता है। आवेदन के निराकरण की समयसीमा 15 कार्य दिवस है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • निःशक्तता प्रमाण पत्र: सक्षम चिकित्सक द्वारा जारी किया गया निःशक्तता प्रमाण पत्र।
  • निवास प्रमाण पत्र: आवेदक का मध्यप्रदेश का निवास प्रमाण पत्र।
  • विवाह प्रमाण पत्र: विवाह के प्रमाण के रूप में धार्मिक या सामाजिक रीति से किया गया विवाह का प्रमाण पत्र। यह प्रमाण पत्र कोर्ट या स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा दिया जा सकता है।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: दंपत्ति के दो-दो पासपोर्ट साइज के फोटो।
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