OPINION: 45 हजार करोड़ के केन-बेतवा नदी जोड़ो प्रोजेक्ट से समृद्ध और विकसित होगा MP-UP का बुंदेलखंड
Opinion: केन-बेतवा लिंक परियोजना, देश की पहली नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना, यूपी-एमपी के बुंदेलखंड का महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट। कटनी से यूपी के बांदा तक केन नदी आगे जाकर यमुना में मिलती हैं। 45 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट दो राज्यों में समृद्धि आएगी और जमीन सोना उगलेगी। विकास के नए द्वार खुलेंगे।

केन-बेतवा लिंक परियोजना एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना है, जिसमें केन नदी पर बांध एवं लिंक नहर का निर्माण किया जाना है। पड़ोसी राज्य यूपी के साथ वैधानिक प्रक्रियाओं पर चर्चा के लिए राज्य की शिवराज सरकार ने बेहद संवेदनशीलता दिखाई है। इसी का परिणाम रहा कि अब यह परियोजना मूर्तरूप लेने जा रही है। केन नदी मध्यप्रदेश के कटनी जिले से प्रारंभ होकर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में यमुना नदी में मिलकर समाप्त होती है। केन नदी के कुल जल ग्रहण क्षेत्र 28058 वर्ग कि.मी. का 87 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश में और 13 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। इस परियोजना के अंतर्गत बेतवा कछार में बीना कॉम्प्लेक्स, कोठा बैराज तथा लोअर परियोजनाओं का निर्माण किया जाना सम्मिलित है।

परियोजना से मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं दमोह जिलों में माइक्रो इरीगेशन से केन कछार में 4.51 लाख हेक्टर, बेतवा कछार के विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी एवं दतिया जिलों में 2.06 लाख हेक्टेयर तथा उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र के बांदा, महोबा और झांसी जिलों में 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई तथा पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी । परियोजना से उत्पन्न होने वाली 103 मेगावॉट बिजली पर पूरा अधिकार मध्यप्रदेश का रहेगा। इस परियोजना के द्वारा कुल 9.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई तथा लगभग 62 लाख (मध्यप्रदेश 41 लाख, उत्तरप्रदेश 21 लाख) आबादी के लिए पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। पेयजल हेतु केन एवं बेतवा कछार में कुल 127 MCM जल का प्रावधान रखा गया है। योजना से म.प्र. राज्य में वार्षिक सिंचाई 8.11 लाख हेक्टेयर में की जाएगी। बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित केन-बेतवा लिंक परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने हेतु मध्यप्रदेश शासन, उत्तर प्रदेश शासन एवं भारत सरकार के मध्य एक त्रिपक्षीय मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग हस्ताक्षरित किया गया। वर्ष 2009 में इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया।
आकंड़ों में समझे केन-बेतवा लिंक परियोजना
- 2.60 लाख हेक्टेयर केन नदी के कछार क्षेत्र के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं दमोह जिलों में माइक्रो इरीगेशन से केन
- 4.51 लाख हेक्टर, बेतवा कछार के विदिशा, रायसेन, सागर, शिवपुरी, दतिया को मिलेगा भरपूर पेयजल |
- 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई तथा पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- 2.06 लाख हेक्टेयर तथा उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र के बांदा, महोबा व झांसी जिलों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।












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