MP News: मध्य प्रदेश में बीजेपी संगठन चुनाव: शिकायतों की बौछार, मंडल अध्यक्षों के चुनाव पर विवाद
MP BJP News: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संगठन चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 1 से 15 दिसंबर तक राज्यभर के 1300 मंडलों में अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधियों का चुनाव होना था।
हालांकि, चुनाव समिति के पास लगभग 100 शिकायतें पहुंच चुकी हैं, जिनमें से कई गंभीर आरोप भी शामिल हैं। अपीलीय समिति ने इन शिकायतों की छानबीन की है और अब सोमवार को इन पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

बीजेपी ने संगठनात्मक चुनावों के लिए कुछ खास दिशा-निर्देश तय किए थे, जिसमें 45 साल से कम उम्र वाले कार्यकर्ताओं को मंडल अध्यक्ष बनाने की शर्त थी। इसके अलावा, ऐसे कार्यकर्ताओं को अध्यक्ष नहीं बनाने का निर्देश था जिनका आपराधिक रिकॉर्ड हो, जो पार्टी के खिलाफ काम करते हों या जो पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी करते हों। बावजूद इसके, कई जिलों से इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने की शिकायतें आ रही हैं।
प्रमुख शिकायतें और विवाद
खंडवा में बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रायशुमारी केवल नाममात्र की थी और असल में विधायक और सांसद की पसंद से ही मंडल अध्यक्ष बनाए गए। खासतौर पर, कांग्रेस से बीजेपी में आईं विधायक छाया मोरे ने अपने करीबी और पूर्व कांग्रेसी जगराम यादव को गुड़ी मंडल अध्यक्ष बना दिया। इसके अलावा, पंधाना मंडल के लिए फकीरचंद कुशवाह को अध्यक्ष बनाया गया, जबकि उनकी उम्र 48 साल है, जो पार्टी द्वारा निर्धारित 45 साल की सीमा से अधिक है। शिकायतकर्ताओं ने संगठन मंत्री हितानंद शर्मा से इस नियुक्ति को अयोग्य घोषित करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो वे कोर्ट का रुख करेंगे।
निवाड़ी जिले में भी शिकायतें आई हैं। ओरछा मंडल के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सेन पर आरोप है कि उनकी आपत्तिजनक स्थिति में एक महिला के साथ वायरल फोटो सामने आई है। इसके अलावा, तरीचर कलां मंडल के अध्यक्ष के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड होने की शिकायत भी संगठन के पास पहुंची है।
शहडोल जिले में भी कुछ मंडल अध्यक्षों को लेकर विरोध हो रहा है। यहां के कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई मंडल अध्यक्ष 5 साल से ज्यादा का कार्यकाल पूरा कर चुके थे, और फिर से उन्हीं को अध्यक्ष बना दिया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस निर्णय से पार्टी में गुटबाजी और असंतोष फैल रहा है। बुढार, ब्यौहारी, और सोहागपुर जैसे क्षेत्रों में गुटबाजी के कारण मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा अभी तक नहीं हो पाई है।
चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप
इन शिकायतों के मद्देनजर, बीजेपी संगठन में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कई स्थानों पर चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से नहीं चलाया गया और कुछ नेताओं ने अपनी पसंद के कार्यकर्ताओं को मंडल अध्यक्ष बना दिया। इससे पार्टी के अंदर असंतोष फैल गया है और कई स्थानों पर गुटबाजी का माहौल बना हुआ है।
आने वाली कार्रवाई
अब अपीलीय समिति द्वारा इन शिकायतों की जांच पूरी की जा चुकी है और सोमवार को इन पर निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान यह देखा जाएगा कि कहीं कोई गड़बड़ी या अनियमितता तो नहीं हुई, और अगर हुई है तो किसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बीजेपी के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए अहम है।












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