मोदी के मन में है एमपी, इसलिए नौ साल में 35 बार मध्यप्रदेश आ चुके प्रधानमंत्री: विष्णुदत्त शर्मा
MP BJP News: साल 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद से मध्यप्रदेश ने विकास के रास्ते पर इतनी तेजी से कदम बढ़ाए हैं कि कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद से तो मध्यप्रदेश विकास के रास्ते पर कुलाचें भरने लगा है।
बात चाहे प्रदेश की जीडीपी की हो, या प्रति व्यक्ति आय की, या फिर देश की जीडीपी में योगदान की हो, हर मामले में मध्यप्रदेश अभूतपूर्व तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसकी वजह यह है कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार मध्यप्रदेश को न केवल उदारतापूर्वक संसाधन उपलब्ध करा रही है, बल्कि एक स्नेही पालक की तरह विकास के रास्ते पर प्रदेश को हाथ पकड़कर लगातार आगे बढ़ा रही है। ये बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पीएम मोदी के हर दौरे को मध्यप्रदेश के लिए खुशखबरी बताते हुए कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने किए मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा दौरे नरेंद्र मोदी के स्नेह का अंदाज इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि वे मध्यप्रदेश की सरकार और जनता के किसी आग्रह को टालते नहीं हैं। वे अपने कार्यकाल में अब तक 35 बार मध्यप्रदेश आ चुके हैं। यह संख्या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह से पांच गुना ज्यादा है। वहीं, प्रदेश की इतनी यात्राओं के साथ ही नरेंद्र मोदी सर्वाधिक बार मध्यप्रदेश आने वाले पीएम भी बन गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी इस साल जनवरी से 5 अक्टूबर 2023 तक के 10 महीनों में मध्यप्रदेश के 10 दौरे कर चुके हैं। वहीं, वर्ष 2018 के चुनावों से पहले, प्रधानमंत्री ने जनवरी 2018 से नवंबर 2018 तक 11 महीने में मध्यप्रदेश के 9 दौरे किए थे। नवंबर 2018 में चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद भी प्रधानमंत्री जी पांच रैलियों में शामिल हुए थे। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का हर दौरा मध्यप्रदेश के लिए खुशियों की सौगातें लेकर आता है और इसीलिए प्रदेश के नागरिक उनके आने का उत्साहपूर्वक इंतजार करते हैं।
मध्यप्रदेश पर विकास रूपी स्नेह का खजाना खोला प्रधानमंत्री
प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कोरोना संकट ने सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। एक तरफ दुनिया के अधिकांश देश जहां संभावित मंदी से घबराकर हाथ दबाकर खर्च कर रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री का देश के विकास के प्रति अनुराग कोरोना जैसा महासंकट झेलने के बाद भी कमजोर नहीं पड़ा। वे आज भी विकास के आकांक्षी हर राज्य की उतनी ही उदारतापूर्वक सहायता कर रहे हैं, जैसे कोरोना जैसा संकट कभी आया ही नहीं था। मध्यप्रदेश पर तो प्रधानमंत्री ने अपने स्नेह का खजाना ही उड़ेल दिया है। प्रधानमंत्री जी अब तक मध्यप्रदेश को 1,17,479.26 करोड़ की सौगातें मध्यप्रदेश को विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से दे चुके हैं। वहीं यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मध्यप्रदेश को कुल 14000 करोड़ रुपये ही दिये थे।
प्रदेश की तस्वीर बदल रहीं मोदी सरकार की सौगातें
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश को विभिन्न परियोजनाओं की सौगातें दी हैं। ये परियोजनाएं प्रदेश के सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास से लेकर औद्योगिक, आर्थिक, कृषि संबंधी और व्यापारिक विकास की कहानी लिख रही हैं। विभिन्न एयरपोर्ट के विस्तार, रेल मार्गों के उन्नयन और विकास, नई रेलों के परिचालन, प्रदेश से गुजरने वाले एक्सप्रेस वे और फोरलेन मार्गों की बदौलत मध्यप्रदेश आज परिवहन के मामले में उस स्तर पर पहुंच गया है, जहां पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।
अक्टूबर 2014 में इंदौर में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में शामिल होने से लेकर 2 अक्टूबर 2023 को ग्वालियर में 19000 करोड़ की परियोजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण तथा 05 अक्टूबर को जबलपुर में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के भूमिपूजन और लोकार्पण से प्रधानमंत्री जी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार विकास के मामले में प्रदेश सरकार के साथ समन्वयपूर्वक काम करती रहेगी।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश को सिंगाजी थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट, शौर्य स्मारक, मोहनपुरा सिंचाई परियोजना, विभिन्न पेयजल परियोजनाएं, उज्जैन और इंदौर के बीच मेमू ट्रेन की शुरुआत, महाकाल लोक, कुनो नेशनल पार्क का चीता प्रोजेक्ट, पीएम कौशल विकास योजना के तहत पीवीटीजी स्किलिंग सेंटर, 17वें प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन, वंदे भारत ट्रेनों की सौगात, सिकल एनीमिया सेल कार्यक्रम की शुरूआत, सागर में संत रविदास मंदिर, बीना रिफाइनरी में नया पेट्रोकेमिकल कांपलेक्स तथा जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती के भव्य स्मारक की स्थापना जैसी सौगातों दी हैं, जो आने वाले सालों में प्रदेश की तस्वीर बदल देंगी।












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