Bhopal News: कटे- फटे 32 लाख रुपए के नोट मिलने के मामले में बड़ा एक्शन, DCP ने TI सहित 4 SI को किया सस्पेंड
Bhopal News: राजधानी भोपाल में शुक्रवार को उस समय लोग हैरान हो गए, जब एक व्यापारी के घर से 32 लाख रुपए के कटे फटे पुराने नोट मिलने की। लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता के दौरान घर पर इतने नोट मिलने पर आरोपी से पुलिस ने पूछताछ शुरू की। लेकिन अब इस मामले में पुलिस कर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है। इसके बाद बड़ा एक्शन लिया गया है।
9 मई की रात को पुलिस ने अशोका गार्डन के एक घर से दबिश दी, जिसमें करीब 32 लाख रुपए के कटे-फटे, पुराने और नए नोट बरामद किए गए थे। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किए बिना 7-8 कर्मचारियों द्वारा की गई। दो घंटे बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली।

इस मामले में टीआई वंदना लकड़ा के बाद, शनिवार को पुलिस उपायुक्त प्रियंका शुक्ला ने गंभीर वित्तीय अनियमितता का दोषी पाते हुए 4 एसआई शत्रुधन पटेल, सलमान, मेघ खत्री, और महेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया। इन चारों पर गंभीर वित्तीय अनियमितता और संदिग्ध आचरण के मामले में कार्रवाई की गई है।
वास्तव में, पुलिस टीम ने कमरे को बंद किया था, लेकिन वहाँ किसी पुलिसकर्मी को निगरानी के लिए नहीं तैनात किया गया था। इसके बाद पता चला कि आरोपी कैलाश खत्री ने पुलिस के जाने के बाद कमरे से रुपयों से भरे कुछ बैग इधर-उधर कर दिए थे। इसके कारण उन पर कार्रवाई की गई है। बता दें कि कैलाश खत्री (38) पंथ नगर अशोका गार्डन में रहते हैं और उनके घर में 31 लाख 87 हजार 73 रुपए मिले थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह 2006 से मनी एक्सचेंज का काम कर रहे हैं।
राजधानी भोपाल में शुक्रवार को उस समय लोग हैरान हो गए, जब एक व्यापारी के घर से 32 लाख रुपए के कटे फटे पुराने नोट मिलने की। लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता के दौरान घर पर इतने नोट मिलने पर आरोपी से पुलिस ने पूछताछ शुरू की। लेकिन अब इस मामले में पुलिस कर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है। इसके बाद बड़ा एक्शन लिया गया है।
क्या है नोट मिलने का पूरा मामला
बता दे गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यापारी के घर में आचार संहिता के दौरान लाखों रुपये की नकद राशि रखी गई है, जो कि वितरित की जानी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी प्रियंका शुक्ला सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कारोबारी कैलाश खत्री ने कार्रवाई के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का अनुमति पत्र दिखाया, जिसमें उन्हें नोट एक्सचेंज करने का अधिकार था। हालांकि, यह अनुमति पत्र काफी पुराना था और उसमें कई खामियां थीं।
कारोबारी ने पूछताछ में बताया कि वे कटे-फटे नोटों को एक्सचेंज करने के बाद उन्हें पंजाब नेशनल बैंक में जमा कर रहे थे। पुलिस को इस मामले में कारोबार की आशंका है, इसलिए कारोबारी से पूछताछ की जा रही है। एसीपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि कारोबारी ने आचार संहिता में इतनी बड़ी मात्रा में घर में कैश क्यों रखा था, इसका जवाब नहीं दिया गया है। उसके पास मनी एक्सचेंज कारोबार से जुड़े होने का कोई लीगल दस्तावेज नहीं मिला है, जिसे भी पुलिस जांच रही है।
कैलाश के दलाल शहर के सभी प्रमुख मार्केट में सक्रिय हैं। वे दलालों को नोट एक्सचेंज कराने वाले ग्राहक लाने के लिए कमीशन देते हैं। इस मामले में आगे की जांच आयकर विभाग करेगा, उन्हें सूचना दी गई है।












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