Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: "एक बोतल पानी की कीमत, 8001 रुपये का सबक – होटल को पड़ी महंगी लापरवाही"

Bhopal News: भोपाल के एक युवक की उपभोक्ता अधिकारों की यह जंग न सिर्फ जीती गई, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि एमआरपी से ज़्यादा वसूली करना कोई छोटी बात नहीं, खासकर जब ग्राहक अपने अधिकारों को जानता हो।

यह मामला राजधानी भोपाल के मोती महल डीलक्स होटल से जुड़ा है, जहां 15 अक्टूबर 2021 को ऐश्वर्य निगम नामक ग्राहक ने दोस्तों के साथ भोजन किया था। उस दिन का 796 रुपये का बिल, उपभोक्ता फोरम में चार साल बाद 8,001 रुपये के मुआवजे में तब्दील हो गया - वजह? पानी की एक बोतल पर एमआरपी से ज़्यादा कीमत वसूलना।

Hotel had to pay heavily for charging 9 rupees on water bottle consumer forum gave strict verdict

एमआरपी ₹20, वसूले ₹29 - ऊपर से 1 रुपये GST भी

बिल में बिसलेरी की पानी की बोतल की कीमत 29 रुपये लगाई गई थी, जबकि उस पर छपी एमआरपी सिर्फ 20 रुपये थी। इसके अलावा, होटल ने 1 रुपये अतिरिक्त GST भी जोड़ दी। ऐश्वर्य निगम ने जब इस पर आपत्ति जताई, तो होटल प्रबंधन ने न केवल उनकी बात नजरअंदाज की, बल्कि ग्लास में पानी तक देने से मना कर दिया। जवाब मिला - "बोतल पानी लेना ही पड़ेगा।"

मामले का विवरण, 15 अक्टूबर 2021 की घटना

15 अक्टूबर 2021 को ऐश्वर्य निगम अपने दोस्तों के साथ होशंगाबाद रोड स्थित मोती महल डीलक्स होटल में खाना खाने गए। खाने का कुल बिल 796 रुपये था, जिसमें एक बिसलेरी पानी की बोतल की कीमत 29 रुपये दिखाई गई, जबकि बोतल पर MRP 20 रुपये लिखा था। इसके अलावा, होटल ने 1 रुपये अतिरिक्त GST भी जोड़ा। ऐश्वर्य ने जब इसकी शिकायत होटल मैनेजमेंट से की, तो विवाद हो गया। होटल का कहना था कि बोतल का पानी लेना अनिवार्य है, और उन्होंने ग्लास तक उपलब्ध नहीं कराया।

ऐश्वर्य ने होटल की इस मनमानी को चुनौती दी। जब शिकायत का कोई समाधान नहीं मिला, तो उन्होंने भोपाल के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में केस दर्ज किया।

bhopal Consumer: उपभोक्ता फोरम का फैसला, होटल दोषी

चार साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, भोपाल उपभोक्ता फोरम ने 2025 में ऐश्वर्य निगम के पक्ष में फैसला सुनाया। फोरम ने होटल को निम्नलिखित आधारों पर दोषी पाया:

MRP से अधिक वसूली: बिसलेरी बोतल (MRP 20 रुपये) के लिए 29 रुपये वसूलना अनुचित व्यापार प्रथा।
अतिरिक्त GST: 1 रुपये का अतिरिक्त GST वसूलना अवैध, क्योंकि MRP में सभी कर शामिल होते हैं।
सेवा में कमी: पानी के लिए ग्लास न देना और बोतल लेने के लिए दबाव बनाना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन।
फोरम ने मोती महल डीलक्स होटल को आदेश दिया कि वह ऐश्वर्य निगम को 8,001 रुपये का मुआवजा दे, जिसमें शामिल हैं:

  • अधिक वसूली का रिफंड: 9 रुपये (29 - 20) और 1 रुपये GST।
  • मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा: 5,000 रुपये।
  • मुकदमे की लागत: 2,991 रुपये।
  • फोरम ने होटल को 30 दिनों के भीतर मुआवजा देने का निर्देश दिया। न्यूज18 मध्यप्रदेश की एक रिपोर्ट के मुताबिक, "फोरम ने कहा कि होटल की मनमानी उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(9) के तहत अनुचित व्यापार प्रथा है।"

कानूनी पृष्ठभूमि, MRP और GST विवाद

यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट, 2009 के तहत देखा गया। हालांकि, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने Federation of Hotel and Restaurant Associations of India vs Union of India मामले में फैसला दिया था कि होटल और रेस्तरां MRP से अधिक कीमत वसूल सकते हैं, क्योंकि वे 'सेवा' प्रदान करते हैं। लेकिन इस मामले में भोपाल उपभोक्ता फोरम ने माना कि:

होटल ने कोई अतिरिक्त सेवा (जैसे ग्लास या ठंडा पानी) प्रदान नहीं की।
अतिरिक्त GST वसूलना अवैध था, क्योंकि MRP में सभी कर शामिल होते हैं।

होटलों की मनमानी पर सवाल

यह मामला होटलों द्वारा पानी की बोतल और अन्य पैकेज्ड सामान पर MRP से अधिक वसूली और GST की दोहरी वसूली के व्यापक मुद्दे को उजागर करता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत उपभोक्ता ऐसी शिकायतों को फोरम में ले जा सकते हैं। भोपाल उपभोक्ता फोरम की वेबसाइट के अनुसार, कोई भी उपभोक्ता दो साल के भीतर शिकायत दर्ज कर सकता है, और इसके लिए वकील की जरूरत नहीं है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का 2017 का फैसला होटलों को सेवा के नाम पर MRP से अधिक वसूलने की छूट देता है, लेकिन यह छूट तब लागू नहीं होती, जब कोई सेवा प्रदान न हो या GST की गलत वसूली हो। इस मामले में मोती महल डीलक्स द्वारा ग्लास न देना और अतिरिक्त GST वसूलना उनके खिलाफ गया।

क्या करें उपभोक्ता?

ऐश्वर्य निगम का केस उपभोक्ताओं के लिए प्रेरणा है। अगर आप भी ऐसी स्थिति में हैं, तो निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  • शिकायत दर्ज करें: होटल मैनेजमेंट से लिखित में शिकायत करें।
  • लीगल नोटिस: 30 दिनों के भीतर समाधान न होने पर होटल को लीगल नोटिस भेजें।
  • उपभोक्ता फोरम: भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज करें। इसके लिए तीन प्रतियां (कोर्ट, होटल, और खुद के लिए) और कोर्ट फीस जमा करनी होती है।
  • सबूत: बिल, बोतल की फोटो, और अन्य सबूत सुरक्षित रखें।
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+