मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: जलभराव, स्कूल-कॉलेज बंद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, जानिए कब तक रहेगी आफत
Bhopal MP News: मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से भारी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी भोपाल सहित विदिशा, नर्मदापुरम, दमोह, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, और मुरैना जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कों पर घुटनों तक पानी, घरों में जलभराव, और बांधों के गेट खोलने से निचली बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मंगलवार, 29 जुलाई 2025 को भारी बारिश के चलते स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी। नर्मदापुरम में भी स्कूल बंद रहे, जबकि विदिशा और दमोह में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक 34 से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह खबर मध्य प्रदेश में बारिश की स्थिति, प्रभाव, और राहत कार्यों को विस्तार से उजागर करती है।

जलमग्न सड़कें, स्कूल-कॉलेज बंद
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को भी कहर बरपाया। शहर के कई निचले इलाकों-like हमीदिया रोड, रेलवे स्टेशन, अयोध्या बायपास, और इको ग्रीन पार्क-में 2 फीट तक पानी भर गया। कई कॉलोनियों में घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया। कोलार नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1 फीट ऊपर पहुंचने से बड़ा तालाब का लेवल बढ़ गया है। मंगलवार दोपहर 12 बजे कलियासोत डैम के गेटों की टेस्टिंग की गई, और तेज बारिश की आशंका को देखते हुए हाफ डे में ही स्कूलों की छुट्टी कर दी गई।
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा, "भारी बारिश के कारण बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है। स्थिति की समीक्षा के बाद बुधवार के लिए भी निर्णय लिया जाएगा।" मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में पिछले 24 घंटों में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई, और अगले 24 घंटों में 4.5 से 8 इंच बारिश की संभावना है।
नर्मदापुरम: तवा डैम के गेट खुलने से बाढ़ का खतरा
नर्मदापुरम में भारी बारिश ने हालात को और गंभीर कर दिया। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, और तवा डैम के 9 गेट 7 फीट की ऊंचाई तक खोलकर 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डैम का वर्तमान जलस्तर 1159.80 फीट है। इटारसी में तवा डैम के आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
नर्मदापुरम कलेक्टर ने मंगलवार सुबह 8:30 बजे स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया, लेकिन तब तक कई बच्चे स्कूल के लिए निकल चुके थे। भारी बारिश के कारण बुधवार, 30 जुलाई को भी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया। स्थानीय निवासी रमेश यादव ने कहा, "पिछले 3 दिनों से बारिश रुक नहीं रही। सड़कों पर पानी भरा है, और बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया है।"

विदिशा: बच्ची का चमत्कारी बचाव, बुजुर्ग की मौत
विदिशा जिले के ग्यारसपुर में भारी बारिश ने दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दिया। एक बच्ची, जो पॉलिथीन ओढ़कर अपने भाई के साथ स्कूल वैन का इंतजार कर रही थी, अचानक आए पानी के तेज बहाव में बह गई। उसका भाई उसे बचाने दौड़ा, लेकिन वह भी बहने लगा। बच्ची लोडिंग वाहन के नीचे से बहते हुए चौराहे तक पहुंच गई, जहां स्थानीय लोगों ने उसे चीखते हुए देखा और समय रहते बचा लिया। बच्ची का भाई भी सुरक्षित है।
हालांकि, विदिशा के शमशाबाद तहसील के नहरयाई गांव में एक दुखद घटना हुई। भारी बारिश के कारण कच्चा घर गिरने से 60 वर्षीय मुल्लो बाई की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता का आश्वासन दिया है।
दमोह: ब्यारमा नदी में बाढ़, दंपती का रेस्क्यू
दमोह जिले में तेंदूखेड़ा और तारादेही के बीच बहने वाली ब्यारमा नदी अचानक उफान पर आ गई। गोपालपुर गांव में एक दंपती बाढ़ के पानी में फंस गया। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों को सुरक्षित निकाला। ग्रामीणों ने बताया, "ऐसी बाढ़ हमने पहली बार देखी। नदी का पानी अचानक इतना बढ़ गया कि गांव में घुस गया।" मौसम विभाग ने दमोह में मंगलवार को 8 इंच तक बारिश की चेतावनी दी है।
गुना और अशोकनगर: डैम टूटने से खतरा
गुना जिले के बमोरी क्षेत्र में कलोरा डैम की वेस्ट वियर टूट गई, जिससे डैम ओवरफ्लो हो गया। आसपास के गांवों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। उकावद गांव में नाला उफान पर आने से गांव जलमग्न हो गया। अशोकनगर में भारी बारिश के कारण 67 लोगों को रेस्क्यू किया गया। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
शिवपुरी: स्कूल में फंसे बच्चों का बचाव
शिवपुरी में लगातार बारिश के कारण सीएम राइज स्कूल में 20 बच्चे फंस गए। रेस्क्यू टीम ने बच्चों को सुरक्षित निकाला। कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने कहा, "भारी बारिश जारी है। लोगों से अपील है कि वे ओवरफ्लो हो रहे पुलों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें।" शिवपुरी में पिछले 36 घंटों में 7.76 इंच बारिश दर्ज की गई।
मुरैना: स्कूल भवन ढहा, कोई हताहत नहीं
मुरैना में शासकीय बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल, रामपुर कला का एक हिस्सा सोमवार देर रात भारी बारिश के कारण ढह गया। सौभाग्य से, घटना रात में हुई, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। जिला प्रशासन ने स्कूल भवन की जांच के आदेश दिए हैं।
बैतूल: सतपुड़ा बांध के गेट खुलने से अलर्ट
बैतूल के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2.2 फीट की ऊंचाई तक खोले गए हैं। पिछले 24 घंटों में बांध के कैचमेंट एरिया में 32 मिमी बारिश दर्ज की गई। बांध से 32,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट: कब तक रहेगी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया, दो मानसून ट्रफ, और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय है। मंगलवार, 29 जुलाई को 34 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जिसमें भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, और सीहोर में 4.5 से 8 इंच बारिश की संभावना है। अन्य जिलों-like इंदौर, उज्जैन, गुना, अशोकनगर, दमोह, सागर, और जबलपुर-में भी अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, "यह सिस्टम अगले 4 दिनों तक-यानी 1 अगस्त 2025 तक-सक्रिय रहेगा। जुलाई की विदाई भारी बारिश के साथ होगी, और अगस्त की शुरुआत में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।" इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन 23.7 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 50% अधिक है।
रेस्क्यू और राहत कार्य
राज्य भर में रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चल रहे हैं। ग्वालियर के डबरा में 50 लोगों को जलभराव से निकाला गया, जबकि सिवनी में संजय सरोवर भीमगढ़ बांध के एक गेट से पानी छोड़ा जा रहा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें विदिशा, दमोह, और अशोकनगर में सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई और सभी कलेक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटा है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।"
प्रभाव और चुनौतियां
जलभराव: भोपाल, इंदौर, और नर्मदापुरम में सड़कों पर 2-3 फीट पानी जमा होने से यातायात ठप है।
बांधों की स्थिति: तवा, सतपुड़ा, बारना, और अटल सागर बांध के गेट खोलने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
स्कूलों में अवकाश: भोपाल और नर्मदापुरम में स्कूल-कॉलेज बंद हैं, जबकि सिंगरौली में भी छुट्टी घोषित की गई थी।
बिजली और रेलवे प्रभावित: बैतूल में हाईटेंशन केबल गिरने से दिल्ली-चेन्नई रेल मार्ग 4.5 घंटे तक बाधित रहा।












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