लव मैरिज से नाराज परिजनों ने बेटी को मुम्बई से घर बुलाकर पार की हैवानियत की सारी हदें, पति बच निकला
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा इलाके के पानसेमल और खेतिया के युवक-युवती की लव स्टोरी और ऑनर किलिंग केस एक बार फिर से चर्चा में है। बेटी के प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर डाली थी। हत्या के आरोपी माता-पिता और भाई को न्यायालय ने अब उम्रकैद की सजा सुनाई है।

द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णा परस्ते ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए खेतिया निवासी युवती सरला की हत्या के आरोप में उसके पिता देवीदास (55), मां तुलसीबाई (50) और भाई हीरालाल (32) को उम्रकैद और 1-1 हजार रु. जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में सरकार की ओर से अधिवक्ता नारायण जाधव ने पैरवी की।
अधिवक्ता नारायण जाधव ने बताया कि पानसेमल निवासी पंकज देवरे व खेतिया की युवती सरला एक दूसरे से प्यार करते थे। दोनों ने अपनी मर्जी से 25 मई 2017 को प्रेम विवाह कर लिया और फिर वे मुंबई जाकर जीवन यापन करने लगे। घटना के 20 दिन पहले 15 मार्च 2018 को पंकज उसकी बहन माया की शादी में सरला के साथ आया था।

घर के अंदर जाने पर पंकज को उसकी सास ने मोगरी मारकर घर के बाहर कर दिया था। उसकी पत्नी सरला के अंदर जाने पर उसके भाई ने गन्ने काटने के कोयता से सरला पर वार किया। वह अपनी जान बचाने के लिए पीछे के रास्ते से रोड पर भागी, उसके पीछे पंकज भी गया। उसने पत्नी को बचाने का प्रयास किया लेकिन उसके साले ने उसे पीछे से पकड़ लिया। सरला की मां ने मोगरी और पिता ने कोयता मारकर सरला की हत्या कर दी थी।
5 अप्रैल 2018 की रात 8.30 बजे सरला के पिता देवीदास और भाई हीरालाल पंकज के घर पानसेमल ऑटो लेकर आए थे। उन्होंने कहा- सरला की मां तुलसीबाई की तबीयत खराब है। वह आखिरी बार उसकी बेटी सरला को देखना चाहती है। जिस पर सरला उसके पति, ससुर और साले के साथ मायके खेतिया आई थी। वहीं पंकज वहां से जान बचाकर भागा और खेतिया थाने में इसकी शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।












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