MP News: मध्य प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिए खुशखबरी, मिलेगा 50% आरक्षण, जानिए कैसे
MP News: मध्य प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया गया है, जिसमें अब अतिथि शिक्षकों को 50% आरक्षण का लाभ मिलेगा।
यह निर्णय हाल ही में होने वाली शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में लागू होगा, जिसका लाभ उन अतिथि शिक्षकों को मिलेगा, जिन्होंने तीन शैक्षणिक सत्रों में 200 दिन सरकारी स्कूलों में शिक्षा दी हो। इस बदलाव से राज्य में 72 हजार अतिथि शिक्षकों को एक नई उम्मीद मिल रही है, जो लंबे समय से स्थायी नौकरी की तलाश में थे।

आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता
अतिथि शिक्षकों को इस आरक्षण का लाभ लेने के लिए कुछ विशेष शर्तें रखी गई हैं। अतिथि शिक्षक उन शिक्षकों के रूप में पात्र होंगे, जिन्होंने पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों में 200 दिन तक सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की हो। यह नियम उन शिक्षकों के लिए लागू होगा जिन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के तहत काम किया है।
अतिथि शिक्षकों की भर्ती में बदलाव
अब तक, अतिथि शिक्षकों को सरकारी स्कूलों में भर्ती में स्कोर कार्ड के आधार पर अंक मिलते थे, जो 5 से 20 अंक के बीच होते थे। लेकिन इस बार सरकार ने अतिथि शिक्षकों को भर्ती में आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि अतिथि शिक्षक अब शिक्षकों की भर्ती में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती किए जाएंगे, जिससे उनके लिए स्थायी पदों पर आने का मार्ग साफ होगा।
हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि आरक्षित पदों की पूर्ति अतिथि शिक्षकों से नहीं हो पाती है, तो वह रिक्त पद अन्य पात्र अभ्यर्थियों से भरे जाएंगे। इस प्रक्रिया में महिलाओं और दिव्यांगजनों को भी आरक्षण मिलेगा।
महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण
सरकार ने महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में विशेष आरक्षण की व्यवस्था की है। महिला अभ्यर्थियों के लिए प्रत्येक श्रेणी में 50% पद आरक्षित होंगे, जिससे अधिक महिला उम्मीदवारों को इस अवसर का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए 6% पद आरक्षित किए गए हैं, ताकि उनके लिए भी शिक्षा क्षेत्र में समान अवसर मिल सकें।
शिक्षक भर्ती का आगामी कार्यक्रम
राज्य कर्मचारी चयन मंडल (एसएससी) द्वारा 10,000 शिक्षकों की भर्ती का कार्यक्रम घोषित किया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया मध्य प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) 2018 में संशोधन के बाद शुरू की जा रही है, जिसका गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। यह बदलाव इस बात को सुनिश्चित करेगा कि राज्य में जो 80,000 शिक्षक पद खाली पड़े हैं, उन पर समय पर भर्ती हो सके और शिक्षा क्षेत्र में सुधार हो।
आरक्षित वर्ग के पदों पर नियम लागू
इस प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी) के पदों के लिए भी विशेष शर्तें लागू होंगी। अभ्यर्थी को उसी वर्ग का होना चाहिए ताकि वह आरक्षित पद पर भर्ती के लिए पात्र हो सके। इस नियम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उनके अधिकार का पूरा लाभ मिले।
कुल मिलाकर
मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के लिए यह बदलाव एक ऐतिहासिक कदम है। अतिथि शिक्षकों को स्थायी नौकरी मिलना उनके लिए एक नई राह खोलेगा। इस फैसले से राज्य में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। अब, महिला उम्मीदवारों और दिव्यांगजनों को भी इस प्रक्रिया में ज्यादा अवसर मिलेंगे, जिससे समावेशी समाज की दिशा में एक कदम और बढ़ा जाएगा।












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