दुग्ध उत्पादन में गुजरात को पछाड़ देगा उत्तर प्रदेश

यादव ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में फिलहाल गुजरात पहले पायदान और राजस्थान दूसरे नंबर पर है लेकिन उनका लक्ष्य देश के सबसे बड़े राज्य को इस क्षेत्र में नंबर वन बनाना है। दुग्ध विकास विभाग में सलाहकार की जिम्मेदारी संभाल रहे सुनील ने कहा कि दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से मुख्य तौर पर दो तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, "सघन मिनी डेयरी योजना और हीफर डेवलपमेंट योजना के नाम से दो तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी मिल रहा है।"
सुनील बताते हैं कि सघन मिनी डेयरी योजना के तहत किसानों को दो से 10 पशु खरीदने के लिए राज्य सरकार की तरफ से मदद दी जाती है। इस योजना के तहत सामान्य और पिछड़ी जाति के किसानों को 25 प्रतिशत और अति पिछड़ी जाति के किसानों को 30 प्रतिशत की सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाती है।
बकौल सुनील, "इस योजना को हर जिले के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने का लक्ष्य अधिकारियों के लिए तय किया जाता है और उसके आधार पर काम होता है। पिछले दो वर्षो के दौरान 1000 से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।"
राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सुनील पिछले दो वर्षो से लगातार काम कर रहे हैं। दूसरी योजना के बारे में उन्होंने बताया कि हीफर डेवलपमेंट योजना यानी बछिया विकास योजना भी किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हुई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को लागातार प्रोत्साहित करने का काम किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में दुग्ध समितियां बनाई गई हैं, जो हर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दोनों प्रमुख योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। जिले के दुग्ध विकास अधिकारी ग्रामीणों से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर इन योजनाओं के लिए प्रोत्साहित करते हैं
सुनील कहते हैं, "उप्र के दुग्ध उत्पादन में नंबर वन बनाना पहला लक्ष्य है और उसे हासिल करने के लिए राज्य सरकार की ओर से पराग डेयरी के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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