UP News: साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की तैयारी, CM योगी ने उठाया ये कदम
यूपी की योगी सरकार ने अब साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर सरकार ने कारगर कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Chief Minister Yogi: उत्तर प्रदेश सरकार ने साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू कर दी है। इसको लेकर राज्य सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए सरकार अगले दो महीनों के भीतर राज्य में 57 नए साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करेगी।

सीएम ने की थी साइबर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
अधिकारियों की माने तो यह निर्णय राज्य में साइबर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य पुलिस को आश्वासन दिया कि सरकार साइबर अपराध को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए उन्हें हर स्तर पर सक्षम बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वर्तमान में क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों को सभी 75 जिलों में विस्तारित किया जाए और वर्तमान में जिला स्तर पर संचालित साइबर सेल को सभी पुलिस स्टेशनों तक विस्तारित किया जाए।
यूपी में बनेंगे 57 नए साइबर थाने
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अगले दो माह के भीतर राज्य में 57 नये साइबर थाने स्थापित किये जायेंगे, जबकि हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क के अलावा साइबर सेल भी क्रियाशील होंगे. विज्ञप्ति में कहा गया है कि सभी साइबर पुलिस स्टेशन स्थानीय पुलिस लाइनों में स्थापित किए जाएंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि,
हाल के दिनों में प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग के कारण अपराध की प्रकृति बदल गई है। ग्राहक सेवा, पेंशन, बिजली बिल, वर्क फ्रॉम होम, सेक्सटॉर्शन, लोन ऐप, पार्सल, फ्रेंचाइजी, फर्जी सट्टेबाजी ऐप, क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी और पोंजी स्कीम धोखाधड़ी से संबंधित विविध प्रकार की साइबर धोखाधड़ी आज देखी जा रही है। इसका सीधा शिकार आम आदमी हो रहा है। इससे बचने के लिए हमें हर स्तर पर सतर्क रहना होगा।
साइबर अपराध को लेकर चलेगा जागरुकता अभियान
अधिकारियों की माने तो साइबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण साधन है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जल्द से जल्द जागरूकता सामग्री तैयार करने और इसे लागू करने के साथ-साथ इसे स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का निर्देश दिया।
स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को जागरूक करने की तैयारी
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, बुनियादी शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित करके, चरणबद्ध तरीके से प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को छात्रों और उनके अभिभावकों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
साइबर पुलिस को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
इसके अलावा, साइबर अपराधों की जांच के लिए पुलिस बल के उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले के पांच पुलिस अधिकारियों को राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और इन प्रशिक्षित अधिकारियों को पांच निरीक्षकों एवं उप-निरीक्षकों को प्रशिक्षित करना चाहिए।












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