उत्तर प्रदेश में 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्रों के सपने चकनाचूर, नहीं होंगे स्थायी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने बिना टीईटी पास किये शिक्षामित्रों की पूर्णकालिक बहाली पर रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्रों की पूर्णकालिक बहाली पर रोक लग गयी है। कोर्ट ने आदेश दिया है की बेसिक शिक्षा सचिव व्यक्तिगत रुप से पेश होकर अब तक हुई इन भर्तियों का विवरण कोर्ट में जमा करे।
गौरतलब है कि यूपी सरकार ने दूरस्थ शिक्षा से सफलतापूर्वक दो वर्षीय BTC प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले करीब 92,000 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त करने का फैसला लिया गया था।
वहीं यूपी सरकार की 37 हजार शिक्षामित्रों को पक्की नौकरी देने के वादे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ग्रहण लग गया है। कोर्ट के फैसले के बाद इन शिक्षामित्रों के समायोजन पर रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश के बाद सचिव बेसिक शिक्षा अधिकारी एचएल गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।
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आपको बता दें कि जुलाई-अगस्त 2014 में पहले बैच के 58826 शिक्षामित्रों का समायोजन किया गया था। यही नहीं 91104 शिक्षामित्रों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही थी। लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद इन सारी समायोजनाओं पर रोक लगा दी गयी है।
गौरतलब है कि पहले चरण में 58 हजार 826 और दूसरे चरण में 91 हजार 104 शिक्षामित्रों को सहायक टीचर बनाया जाना था। पहले चरण में 58 हजार 826 की भर्ती करायी जा चुका थी वहीं दूसरे चरण में शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाने की तैयारी चल रही थी।













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