GST मतलब 'गयी सारी तनख्वाह', अखिलेश यादव बोले - नया भाव अर्थ सामने आया है
लखनऊ, 18 जुलाई: बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी की जेब पर एक बार फिर असर पड़ने जा रहा है। आज से पैकेज्ड और लेबल वाले दही, पनीर, लस्सी और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामानों की कीमतों पर अधिक जीएसटी देना होगा। इसको लेकर विपक्ष सरकार को घेरने में जुट गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीएसटी का नया भाव-अर्थ भी बता दिया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की जो मार आम जनता पर पड़ी है, उससे दुखी होकर जीएसटी का एक नया भाव-अर्थ सामने आया है 'गयी सारी तनख्वाह'।
Recommended Video

अखिलेश ने कहा - GST मतलब गयी सारी तनख्वाह
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट में लिखा कि आज से आटा, दही, पनीर से लेकर ब्लेड, शार्पनर, एलईडी, इलाज, सफर सब पर जीएसटी की जो मार आम जनता पर पड़ी है उससे दुखी होकर जीएसटी का एक नया भाव-अर्थ सामने आया है... 'गयी सारी तनख़्वाह'।
परिषद की बैठक में GST दरों में किया गया बदलाव
बता दें, पिछले महीने हुई बैठक में जीएसटी परिषद ने विभिन्न उत्पादों पर जीएसटी दरों में बदलाव किया है। इसके तहत अब दही, लस्सी, पनीर, शहद, अनाज, मांस और मछली खरीदने पर 5 फीसदी जीएसटी देना होगा। इसके अलावा अन्य वस्तुओं के जीएसटी स्लैब में भी बदलाव किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications