दलित बच्चों से कुर्सी धुलवाकर ही बैठते हैं हेडमास्टर साहब
लखनऊ। सोशल मीडिया, टीवी, अखबारों में आप और हम समानता के अधिकार को लेकर चाहे जितनी बड़ी-बड़ी बहस कर लें लेकिन जमीनी हकीकत आज भी बदतर है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के गजनेर में वीरिसंगपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपको सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि क्या हम आज भी आधुनिक भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
वीरसिंगपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में हेडमास्टर साहब स्कूल बंद होने केबाद बच्चों से ताला लगवाते हैं और चाभी को पानी से धुलवाकर ही अपने हाथ में लेते हैं।
यहां तहसीलदार ने 20 गांववालों और स्कूली बच्चों के बयान लेकर आरोपी शिक्षक पर दलित होने के चलते बच्चों से भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
यहां की ग्राम प्रधान पप्पी देवी जोकि दलित हैं वह स्कूल में बंटने वाले मिड डे मील का जायजा लेने पहुंची थी। लेकिन ग्राम प्रधान के जाने के बाद हेडमास्टर संतोष शर्मा ने दलित बच्चों से उसे धुलवाकर ही उसपर बैठे।
वहीं जब विवाद बढ़ा तो तहसीलदार राकेश कुमार जांच करने के लिए पहुंचे। यहां स्कूली बच्चें सजल, कुलदीप, लवकुश सहित कई बच्चों ने हेडमास्टर पर आरोप लगाया कि वह चाभी धुलवाकर ही अपने हाथ में लेते हैं। वहीं इन सारे आरोपों को हेड मास्टर ने बेबुनियाद बताया है।












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