वाह रे अखिलेश! खाद्यान घोटाले में फंसे राजा भैया को सौंप दिया खाद्य एवं रसद विभाग

Raghuraj Pratap Singh aka Raja Bhaiya
लखनऊ। कुंडा के डिप्‍टी एसपी जियाउल हक मर्डर केस में सीबीआई ने क्‍लीन चिट मिलने के बाद प्रतापगढ़ के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को अभी कुछ ही दिन पहले मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने कैबिनेट में वापस बुलाया था। हालांकि उस वक्‍त उन्‍हें कोई मंत्रालय नहीं दिया गया था मगर ऐसी उम्‍मीद जाहिर की जा रही थी कि उन्‍हें उनका पुराना विभाग खाद्य एवं रसद विभाग दिया जा सकता है। और शनिवार को अखिलेश सरकार ने इस उम्‍मीद पर मुहर लगा दी और उन्‍हें खाद्य एंव रसद विभाग का मंत्री बना दिया।

इससे पहले यह विभाग राजेंद्र चौधरी के पास था, लेकिन अब उनके पास सिर्फ जेल एवं कारागार विभाग ही रहेगा। मालूम हो कि इसी विभाग में हुए घोटालों के आरोप में राजा भैया पहले से घिरे हैं। इतना ही नहीं राजा भैया को ये विभाग तीसरी बार दिया गया है। सीबीआई, उप्र पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और खाद्य प्रकोष्ठ इस विभाग में हुए घोटाले की जांच कर रहे हैं। इसकी निगरानी को लेकर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई तय है।

घोटाले की जिक्र करें तो 2005 में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया खाद्य एवं रसद मंत्री रहने के दौरान गरीबों के अनाज को खाद्यान्न माफिया ने बाग्लादेश ले जाकर बेंच डाला था। इस घोटाले की जांच के लिए कांग्रेस नेता रहे विश्वनाथ चतुर्वेदी ने अदालत में दरवाजा खटखटाया था। हालांकि इन सबके बावजूद राजा भैया को इसी विभाग के मंत्री बनाये जाने के पीछे राजनीतिक कारण है। मुजफ्फरनगर हिंसा के बाद दो राजपूत विधायकों पर रासुका लगाने और ठाकुर चौबीसी के खेड़ा गांव में महापंचायत पर फायरिंग-लाठीचार्ज के बाद क्षत्रियों की नाराजगी को देखते हुए राजा भैया को सरकार में शामिल किए जाने की चर्चाएं और तेज हो गईं थी।

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