अपराध के यूपी में शहीद तंजील अहमद के लिए अखिलेश यादव के पास समय नहीं
लखनऊ। एनआईए के जाबांज अधिकारी तंजील अहमद की जिस तरह से बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया है, उसने एक बार फिर से यूपी की कानून व्यवस्था की कलई खोल कर रख दी है। तंजील अहमद की हत्या पर अभी तक यूपी सरकार के मुखिया ने चुप्पी साध रखी है और कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं।
जाबांज NIA अधिकारी तंजील अहमद की नृशंस हत्या की पूरी कहानी

यहां तक कि तंजील अहमद के अंतिम संस्कार में भी यूपी सरकार को कोई मंत्री नहीं पहुंचा। जिस तरह से दादरी सहित कई मुद्दों पर अखिलेश यादव ने खुलकर सामने आकर अपना बयान दिया और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही उस लिहाज से अखिलेश अभी तक इस मुद्दे पर बोलने का समय नहीं निकाल पायें हैं।
गोलियों की बारिश में तंजील अहमद को अपने बच्चों की परवाह थी
तंजील अहमद के अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार का भी कोई नुमाइंदा शामिल नहीं हुआ, हालांकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहीद अमहद की सुध ली और उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि तंजील अहमद एनआई के वरिष्ठ अधिकारी थे और कई आतंकी हमलों की जांच में अहम भूमिका निभा रहे थे। जिनकी शनिवार देर रात दो अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।












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