परिवार की कलह के बीच बिखरते मुस्लिम वोट बैंक ने बढ़ाई सपा की मुश्किल

सपा परिवार में कलह पर अखिलेश के मुस्लिम मंत्रियों ने भी जताई चिंता, बोले विवाद खत्म होना चाहिए, मुस्लिम वोटर्स पार्टी के साथ हैं।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के भीतर मचे घमासान पर जिस तरह से बसपा मुसलमानों को अपनी ओर खींचने की लगातार कोशिश कर रही है उसने पार्टी के मुस्लिम नेताओं की माथे की शिकन को बढ़ा दिया है।

जिस तरह से पिछले महीने अखिलेश यादव की मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव से मतभेद सार्वजनिक हुए थे, उसके बाद मायावती ने अपने तमाम नेताओं को साफ संदेश दिया है कि सपा से विमुख होने वाले मुस्लिम वोटर्स को बसपा की ओर लाने की कोशिश तेज की जाए।

मुस्लिम भाजपा को हराने के लिए वोट करेंगे

मुस्लिम भाजपा को हराने के लिए वोट करेंगे

देवरिया से सपा के वरिष्ठ विधायक का कहना है कि मुस्लिम वोट बैंक नहीं हैं बल्कि एक समुदाय है जो भाजपा को हराना चाहते हैं। ऐसे में बसपा उनके लिए एक विकल्प हो सकती है अगर उन्हें वह पार्टी मजबूत दिखती है। वो भाजपा को हराने के लिए किसी को भी वोट करेंगे।

ऐसे में भाजपा को हराने का भरोसा या तो पार्टी या फिर उम्मीदवार दे सकता है, मुस्लिमों का सपा से लगाव है। ऐसे में वो चाहते हैं कि पार्टी के भीतर की कलह खत्म हो। पार्टी को विवाद को खत्म करके सीएम पद और पार्टी के नेता को आगे करना चाहिए।

80-85 फीसदी मुसलमान सपा के साथ

80-85 फीसदी मुसलमान सपा के साथ


खाद्य मंत्री इकबाल महमूद का कहना है कि मुलायम और अखिलेश यादव के बयानों को मीडिया, लोग और विपक्षी दल अपने हिसाब से बदल रहे हैं। लेकिन मुसलमान परेशान हैं, जोभी हो रहा है वह गलत है। वह चिंतित हैं कि यह झगड़ा बड़ा नुकसान ना करे, लेकिन वह मजबूती से नेताजी के साथ हैं। 80-85 फीसदी मुसलाम सपा के साथ हैं।

बसपा को मुसलमानों को रिझाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए

बसपा को मुसलमानों को रिझाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए

संभल से सपा विधायक का कहना है कि भाजपा के साथ तीन बार सरकार बनाने के बाद बसपा को मुसलमानों को रिझाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अखिलेश सरकार में मंत्री जियाउद्दीन रिजवी का कहना है कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। हर कोई जानता है कि बसपा ने मुसलमानों को ठगा है। अखिलेश हमारे नेता हैं हैं और जल्द ही पार्टी एकजुट होकर सामने आएगी।

मायावती ने मुसलमानों को धोखा दिया

मायावती ने मुसलमानों को धोखा दिया

कैबिनेट मंत्री रियाज अहमद का कहना है कि सपा के लिए मुसलमानों का समर्थन प्रभावित नहीं होगा। मायावती मुसलमानों का सामना नहीं कर सकती है। उन्होंने पहले कहा था कि 137 मुसलमानों को टिकट दिया गया है जबकि यह संख्या सिर्फ 57 है, लेकिन चुनाव आते-आते यह संख्या और कम हो जाएगी। मायावती को भाजपा को रोकने के लिए कुछ भी नहीं कहना चाहिए, उनके पास सिर्फ 40 विधायक हैं, अगर भाजपा मजबूत होती है तो उनका नुकसान है।

परिवार में नहीं है कोई विवाद

परिवार में नहीं है कोई विवाद

कपड़ा मंत्री महबूब अली ने परिवार के भीतर विवाद से इनकार करते हुए कहा कि यह हर परिवार में होता है। मुसलमान सपा के साथ हैं, हाल के सर्वे में भी यह साफ देखने को मिला था, 70 फीसदी मुस्लिम सपा के साथ थे।

कलह से बाहरी लोगों पर असर पड़ता है

कलह से बाहरी लोगों पर असर पड़ता है

वाणिज्य टैक्स मंत्री यासर शाह का कहना ह कि कोई भी मुसलमान बसपा के इस दावे को नहीं मानेगा कि सपा कमजोर हो रही है। मुसलमानों के लिए मुलायम और अखिलेश उनके नेता हैं। परिवार के भीतर कलह की खबरें बाहरी लोगों को प्रभावित कर सकती है लेकिन जो इस परिवार से जुड़े हैं उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

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