नीतीश कुमार के दलित कार्ड पर मायावती ने बोला हमला, कहा- एससी-एसटी के लोग बहकावे में न आएं, ये हिसाब-किताब का समय
लखनऊ। बिहार की 243 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियों शुरू कर दी है। तो वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने द्वारा दलित कार्ड खेलने पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती निशाना साधा है। मायावती ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 'एससी-एसटी वर्ग के लोगों को अनेकों आश्वासन आदि देकर उनके वोट के जुगाड़ में है।' कहा कि नीतीश सरकार के बहकावे में कतई न आयें। अब तो हिसाब-किताब का वक्त है।

हिसाब-किताब का आ गया अब समय: मायावती
बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार सुबह अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल से दो ट्वीट करते हुए नीतीश सरकार पर हमला बोला है। मायावती ने लिखा, 'बिहार विधानसभा आम चुनाव के पहले वर्तमान सरकार एक बार फिर एससी-एसटी वर्ग के लोगों को अनेकों प्रलोभन-आश्वासन आदि देकर उनके वोट के जुगाड़ में है। जबकि अपने पूरे शासनकाल में इन्होंने इन वर्गों की घोर अनदेखी, उपेक्षा की और कुंभकरण की नींद सोते रहे। जिसके हिसाब-किताब का अब समय।
'नीतीश सरकार के बहकावे में न आए'
इसी से जुड़े अपने दूसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा कि, 'अगर बिहार की वर्तमान सरकार को इन वर्गों के हितों की इतनी ही चिन्ता थी तो उनकी सरकार अब तक क्यों सोई रही? जबकि इनको इस मामले में यूपी की बसपा सरकार से बहुत कुछ सीखना चाहिए था। अतः इन वर्गों से अनुरोध है कि वे नीतीश सरकार के बहकावे में कतई न आयें।'
चुनाव से पहले खेता दलित कार्ड
दरअसल, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले दलित कार्ड खेला है। उन्होंने अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग से आने वाले किसी शख्स की हत्या पर उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने का प्रावधान करने का निर्देश अफसरों को दिया है। नीतीश कुमार के इस आदेश को चुनाव से पहले दलित-आदिवासी समुदाय को लुभाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है।












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