लखनऊ। यूपी में जातीय समीकरण आगामी चुनावी में अहम किरदार निभाएगा, यह पहला चुनाव होगा जब किसी भी दल के पास एक जाति विशेष का वोट बैंक मजबूती के साथ एकजुट नहीं है।पाक के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन जिंजर के पीछे की पूरी कहानी मुसलमानों का खुलकर मांगा समर्थनइस कड़ी दलितों का बसपा से लगाव, मुस्लिमों का सपा से लगाव हो गया फिर सवर्णों का भाजपा से। बसपा सुप्रीमो मायावती भी इस समीकरण को बखूबी समझती है और इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ना सिर्फ दलितों बल्कि मुसलमानों का भी खुलकर समर्थन मांगा है।मुसलमान वोट बंटने से होगा मुसलमानों को फायदामायावती ने यूपी में दलितों के साथ मुसलमानों को भी अपनी ओर करने की कवायद शुरु कर दी है और इसका पहला खुला प्रयास उन्होंने लखनऊ में आयोजित विशाल रैली में किया। उन्होंने कहा कि अगर मुसलमान वोट कांग्रेस और सपा में बंटे तो इसका फायदा भाजपा को होगा।दलित-मुस्लिम वोट का गणितमायावती ने अपने इस बयान से ना सिर्फ मुसलमानों को एकजुट होने के लिए कहा बल्कि भाजपा का भय भी दिखाया। मायावती इस बात को समझती हैं कि अगर प्रदेस के 22 फीसदी दलित एक होकर उन्हें वोट दें और मुसलमान एक होकर वोट करें तो बसपा की जीत सौ फीसदी तय है।वोट बर्बाद नहीं करने की नसीहतलखनऊ में काशीराम की जयंती के मौके पर मायावती ने मुसलमानों को समझाते हुए कहा कि आप आपस में बंटे नहीं और एकजुट होकर वोट करे। उन्होंने मुसलमानों को किसी भी गलत पार्टी मेंअपना वोट बर्बाद नहीं करने की नसीहत दी।चाचा-भतीजे के विवाद में बर्बाद ना करें वोटमायावती ने कहा कि सपा में चाचा-भीजा विवाद चल रहा है ऐसे में जो शिवपाल व अखिलेश के समर्थक एक दूसरे को हराने का काम करेंगे। ऐसे में अगर मुसलमान सपा को वोट करेंगे तो उनका वोट खराब होगा।मैं नहीं करने वाली भाजपा से गठबंधनमायावती ने यहां एक और दिलचस्प बात लोगों के बीच कही कि वह किसी भी तरह के दुष्प्रचार से बचें, सपा इस बात का भी प्रचार कर सकती हैं बसपा, भाजपा के साथ गठबंधन कर सकती है। वह ऐसा सिर्फ मुस्लिम वोटों के लिए करेगी ऐसे में आपको सतर्क रहने की जरूरत है।कांग्रेस के पास जमीन नहींवहीं मायावती ने कांग्रेस को यूपी में सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस का कोई भी वोटबैंक नहीं है। ऐसे में अगर मुसलमानों का वोट कांग्रेस को गया तो वह व्यर्थ हो जाएगा जिससे प्रदेश में भाजपा को फायदा मिलेगा।