कन्नौज में डिंपल भाभी ने पकायी दाल, पर इसमें है कुछ काला
कन्नौज संसदीय क्षेत्र से पिछली बार निर्विरोध सांसद चुनी गई प्रदेश के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डिंपल यादव को लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा था। डिंपल की इस 'जीत' पर करारा पेंच फंस गया है। सुब्रत पाठक ने मतगणना को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की है। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए सदर जिलाधिकारी से जवाब-तलब किया गया है।
रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के पहले चक्र मे सपा प्रत्याशी ने 4594 मत लेकर बढ़त बनाई। भाजपा के सुब्रत पाठक को 1804 व बसपा के निर्मल तिवारी को 1066 मत हासिल हुए। पांचवें राउंड में सपा ने 22445 मतों के साथ पहला स्थान बरकरार रखा। जबकि 14643 मतों के साथ भाजपा दूसरे व 6995 मतों के साथ बसपा तीसरे स्थान पर रही। 10वें राउंड में सपा प्रत्याशी ने 41433 मत पाकर पहला स्थान बरकरार रखा। जबकि 31003 मतों के साथ भाजपा दूसरे व 14898 मतों के साथ बसपा तीसरे स्थान पर रही।
16वें राउंड में भी सपा 62704 मतों के साथ पहले स्थान पर रही है। वहीं 53440 मत लेकर भाजपा उनका पीछा करती दिखाई दी। बसपा इस राउंड में 21784 मत ही प्राप्त कर सकी। अंतिम राउंड में 79594 मत लेकर सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज कराई। जबकि भाजपा प्रत्याशी को 72911 व बसपा प्रत्याशी को 30919 मत प्राप्त हुए।
इनके अलावा निर्दलीय इमरानबिन जफर 620, गंगाचरन 216,पुष्पादेवी 215, सुबोध कुमार 131, सुरेंद्र नाथ 147, प्रदीप कुमार 187, मोहर सिंह 477, राकेश तिवारी एडवोकेट 889, संजय शाक्य 389 मत ही प्राप्त कर सके।
सुब्रत पाठक का कहना है कि आखिरी के दो राउंड में 'डिंपल' को मिले मत चमत्कारिक रूप से बढ़े, जबकि मतगणना की दिशा, उनके पक्ष में चल रही थी। हालांकि अक्सर मतगणना के परिणाम पक्ष में ना आने पर विरोधी ऐसे हथकंडे अपनाते हैं, पर यहां मामला सबूत के साथ अदालत में पेश किया गया है।
जहां एक ओर समाजवादी पार्टी में भीतरखाने मंथन चल रहा है, वहीं दायर की गई यह याचिका अखिलेश सरकार को सवालों के घेरे में आ गई है। सुब्रत ने वहां मौजूद मतदान कर्मियों व अन्य लागों को साक्ष्य के तौर पर पेश कर 'बेईमानी' का दावा किया है वहीं सपा नेता इसे पाठक की खुन्दक करार देकर पूरा मामला बेवुनियाद बता रहे हैं।













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